बलिया : अप्रतिम व्यक्तित्व के धनी थे पं. काशी नाथ मिश्र
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बलिया। बलिया की माटी के क्रांतिकारी शख्सियत पं. काशी नाथ मिश्र (Kashi nath Mishra) समाजिक चेतना के अग्रदूत रहे है। उनके विचारों में सदैव समाजवाद की झलक मिलती रही। वाकई वे लोकतंत्र के सर्वाधिक मुखर योद्धा थे। जनता, जनतंत्र और हाशिए पर खड़े उपेक्षितों के लिए आजीवन संघर्षरत रहे पं. काशीनाथ मिश्र का व्यक्तित्व अप्रतिम था।
पं. काशीनाथ मिश्र फाउंडेशन द्वारा मंगलवार को काशीपुर में आयोजित श्रद्धांजलि संगोष्ठी में पूर्व मंत्री को नमन् करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जर्नादन राय ने कहा कि वैसे तो इस महापुरुष की शिक्षा खेत-खलिहान और पगडंडियों से होते हुए जनपद के राजकीय कालेज व इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हुई थी, पर विधि ने अपनी लेखनी से उनके ललाट पर जिस बिंदास शब्द को उकेरा था, उसे वे आजीवन जीते और झेलते रहे। समाज हो या विधान सभा की बैठक, एक मुखर वक्ता के रूप में उन्होंने जो बयान दिया, वह जनतंत्र के लिए दस्तावेज जैसा है।
पंडित अवध बिहारी चौबे, राजनाथ पांडेय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश पांडेय, श्रीनिवास यादव व ओमप्रकाश तिवारी ने पूर्व मंत्री के जीवन से संबंधित अनेकानेक संस्मरण सुनाए। कहा कि चरित्र चिंतन और स्पष्ट व्यक्तित्व के लिए चर्चित इस समाजवादी योद्धा को दशाब्दियों तक याद किया जाएगा।
इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्रखर वक्ता की पुण्यतिथि पर वैश्विक क्षितिज पर व्याप्त करोना महामारी के उन्मूलन और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस मौके पर लल्लू सिंह फुलबदन तिवारी, कामेश्वर तिवारी, हरेंद्र सिंह, सिद्धनाथ तिवारी, संतोष चौबे इत्यादि ने एक-एक कर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी आगंतुकों के प्रति फाउंडेशन के अध्यक्ष पंडित विजय कुमार मिश्र ने आभार प्रकट किया।
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