व्यापारी हत्या कांड: 12 दिन बाद भी पुलिस की पहुँच से दूर आरोपी प्रधान प्रतिनिधि

व्यापारी हत्या कांड: 12 दिन बाद भी पुलिस की पहुँच से दूर आरोपी प्रधान प्रतिनिधि



मनियर/ बलिया। थाना क्षेत्र के पिलुई में व्यापारी अजय सिंह हत्याकाण्ड के 12 दिन बाद भी सामान्य जनजीवन पटरी पर नहीं आ पाया है। वहीं नौ आरोपी में एक अरोपी प्रधान प्रतिनिधि विशाल पटेल अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। हालांकि स्थित की नाजुकता व असुरक्षा की भावना के कारण अब भी खेजुरी मोड़ तिराहे की दुकानें खुल नहीं पाई है। 

गौरतलब हो कि यही वह स्थान है, जहाँ गिट्टी बालू के व्यवसायी अजय सिंह को जाति विशेष के लोगों ने तब लाठी-डण्डों से बुरी तरह पीटकर तब समय मौत के घाट उतार दिया था जब वे रोज की भाँति अपने दुकान पर बैठे थे। घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। तरह-तरह की अफवाहों के बीच किसी अनहोनी की आशंका से सहमे स्थानीय दुकानदार अब भी अपनी दुकानें बंद कर स्थिति के सामान्य होने की प्रतीक्षा कर रहे है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ दुकानदारों ने बताया कि अनहोनी की आशंका के कारण ही उनके सहित और दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखी है। हाँलाकि प्रशासन स्थिति की नाजुकता को भाँपते हुए अपनी पैनी दृष्टि बनाए हुए है। इस संदर्भ में पूछे जाने पर थानाध्यक्ष मनियर सुभाष चन्द्र यादव ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए द्विपक्षीय वार्ता की जाएगी ।

रिपोर्ट राम मिलन तिवारी

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

'भारतीय लोकतंत्र के हृदय में नागरिक' थीम पर होगा मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, जानिएं टैगलाइन 'भारतीय लोकतंत्र के हृदय में नागरिक' थीम पर होगा मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, जानिएं टैगलाइन
बलिया : 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में...
बलिया में Road Accident : अलग-अलग हादसों में युवक समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत
बलिया में 1365 पदों पर इसी माह पूरी होगी आंगनवाड़ी सहायिकाओं की भर्ती, डीएम ने दिए जरूरी निर्देश
राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट संघ बलिया के अध्यक्ष बनें देवेन्द्र नाथ तिवारी
बलिया में जिन्दगी की जंग हार गई एक और महिला शिक्षामित्र
राजकीय पॉलिटेक्निक बॉसडीह में वार्षिक खेल उत्सव, दिखा जबरदस्त उत्साह
बलिया में नो-मैपिंग श्रेणी के 1.42 लाख मतदाताओं पर प्रशासन की नजर