विवाहिता ने एसओ पर लगाये हैरतअंगेज आरोप

विवाहिता ने एसओ पर लगाये हैरतअंगेज आरोप



# न्याय की खातिर पुलिस कप्तान से लगाएगी गुहार


दुबहड़/बलिया। थाना क्षेत्र के मिश्र के छपरा गांव की बहू शिखा मिश्र पत्नी विवेकानन्द मिश्र ने अपनी ससुराल वालों के साथ-साथ एसओ दुबहड़ पर भी गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि ससुराल वालों के द्वारा मारपीट कर घायल करने के बाद , यूपी 100 की मदद से दुबहड़ थाना आने के बावजूद अभी सोमवार को ही चार्ज लेने वाले एसओ ने 3 घण्टे तक फरियाद नहीं सुनी। यहीं नहीं ससुराल पक्ष के लोगों को भी यूपी 100 के द्वारा लाये जाने के बावजूद उनको थाने से छोड़ दिया। पीड़िता का आरोप है कि मेरे पति, सास, ससुर, जेठ, जेठानी, देवर और चचिया ससुर सभी मिलकर दहेज लाने के लिये मारते पीटते है और जलाकर मारने की धमकी भी देते है। पीड़िता के भाई धनंजय ओझा निवासी जनपद रांची झारखंड ने एसओ दुबहड़ पर अपनी बहन के ससुराल वालों से मिलकर बहन की सहायता न करने का आरोप लगाया है। आरोप लगाते हुए कहा कि मेरी बहन के ससुर पुलिस विभाग में दरोगा है, इसलिये हमको न्याय नहीं मिल रहा है। साथ ही यह भी कहा कि जो एफआईआर लिखा गया है, उसमें सहीं धारा नहीं लगायी गयी है, यहां मेरी और मेरी बहन के जान को भी खतरा है। कहा कि न्याय के लिये हम पुलिस अधीक्षक बलिया के यहां जा रहे है।


रिपोर्ट शिवजी गुप्ता

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

जेपी के गांव में हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ में पहुंचे हरिवंश, बोले अपने पैसे से समाज सेवा करने वाले लोग महान जेपी के गांव में हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ में पहुंचे हरिवंश, बोले अपने पैसे से समाज सेवा करने वाले लोग महान
बलिया : बैरिया के जयप्रकाशनगर क्षेत्र के दलजीत टोला में श्री हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा के लिए चल रहे...
Aaj ka Rashifal : कैसा रहेगा अपना रविवार, पढ़ें 1 मार्च का राशिफल
बलिया से कम हुई गोरखपुर की दूरी, गोरखपुर-छपरा-गोरखपुर ट्रेन सेवा शुरू
होलिका दहन एक आध्यात्मिक संदेश : ज्योतिषाचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय से जानिएं राशि के अनुसार उपाय
बलिया के 64,000 कर्मियों और पेंशनरों को मिली होली की सौगात, खातों में पहुंचे 2 अरब रुपये
बलिया के इस अधिकारी को गाड़ी से कुचलने की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस
रमज़ान में दिखा बलिया की नन्हीं फातिमा का जज़्बा, छह साल की उम्र में रखा 10वां रोज़ा