बाबू की अश्लील हरकतों से आजिज आ गई थी महिला अधिकारी, कहता था- अकेले में मिलिए ; फिर...
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UP News : कुछ इश्कमिजाज़ अधिकारियों-कर्मचारियों के कारनामे अक्सर उजागर होते रहते हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का है, जहां एक महिला अधिकारी से छेड़खानी और अभद्रता के आरोप में सीडीओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक देवेंद्र सिंह को डीडीओ ने निलंबित कर दिया है। यही नहीं, पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिलाधिकारी अन्द्रा वामसी के निर्देश पर डीडीओ ने उपायुक्त (स्वत: रोजगार) आशा देवी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महिला अधिकारी ने 22 मई को जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में विकास भवन में तैनात स्टेनो लिपिक देवेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बाबू ने कई बार अशोभनीय इशारे किए, जिसे वह अनदेखा कर दे रहीं थी। कई बार अकेले मिलने के लिए कहा गया। बाबू ने कई बार गलत हरकत करने की कोशिश की, लेकिन महिला अधिकारी ने हर बार वॉर्निंग देकर छोड़ दिया।
आरोप है कि 21 मई की शाम आरोपित उनके कमरे में आया और मुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर तैयार किए जा रहे मुख्य बिंदुओं को लेकर चर्चा करने लगा। चर्चा पूर्ण होने के उपरांत भी वह उनके कार्यालय में बैठा रहा। वह उन्हें देख कर कभी घूरता तो कभी मुस्कराता रहा। जब उनके द्वारा पूछा गया कि कोई और काम है तो उसने कहा कि ऐसे नहीं बता सकता और बाबू ने उनके साथ आपत्तिजनक हरकत की। इस मामले की शिकायत महिला अधिकारी ने जिलाधिकारी से की है।
महिला अधिकारी ने कहा है कि बाबू के कृत्य से वह स्तब्ध हैं और डरी हुईं हैं। वह घर और कार्यालय दोनों जगह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहीं हैं। पीड़ित महिला अधिकारी ने डीएम से अनुरोध किया है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए और आरोपित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। वहीं, डीडीओ अजय कुमार सिंह ने बाबू को निलंबित करने के साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्यीय आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया है। टीम में जिला गन्ना अधिकारी मंजू सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय व इनरह्वील क्लब की पारुल टिबड़ेवाल शामिल हैं।
पहले से विवादित रहा है बाबू
सीडीओ कार्यालय में इस बाबू की तूती बोलती है। यह पहले से विवादित और सीडीओ का चहेता रहा है। हालांकि सीडीओ कार्यालय में इसकी तैनाती भी गलत बताई जा रही है। कोई भी फाइल बिना इस बाबू के अनुमति से आगे नहीं बढ़ती है। इसलिए इनका सभी विभागों में आना जाना लगा रहता है।
असुरक्षित महसूस कर रहीं महिला अधिकारी
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जिले में तैनात कुछ महिला अधिकारी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। कुछ दिन पूर्व एक महिला अधिकारी नायब तहसीलदार की शिकार बन चुकी हैं। नायब तहसीलदार को जेल तक जाना पड़ा। यह मामला सुर्खियों में आ चुका है।

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