शारदीय नवरात्रि 2024 : अष्टमी और नवमी का व्रत एक ही दिन, जानें कैसे करें व्रत का पारण

शारदीय नवरात्रि 2024 : अष्टमी और नवमी का व्रत एक ही दिन, जानें कैसे करें व्रत का पारण

Ballia News : नवरात्रि में नवमी का हवन तथा कुमारी पूजन का विशेष महत्व है। इसके बिना व्रत का संकल्प पूर्ण नहीं माना जाता है। अतः जो भक्त कुमारी कन्याओं को अन्न, वस्त्र व जल अर्पण करता है, उसका अन्न मेरु के समान और जल समुद्र के सदृश अक्षुण्ण तथा अनन्त होता है। कुमारी कन्याओं को वस्त्र अर्पित करने से भक्तगण करोड़ो वर्षों तक शिवलोक में पूजे जाते है तथा पूजा के उपकरण दान देने पर स्वयं देवगण पुत्र के रूप में प्राप्त होते है।

मां दुर्गा की पूजा अनेक विधानों से की जाती है। सर्वविद्या स्वरूपिणी में कुमारी कन्याओं के पूजन में जाति भेद का विचार वर्जित है, जहां कन्याओं का पूजन होता है वह स्थान चार से पांच कोस तक पवित्र हो जाता है। कुमारी पूजन से मनुष्य, लक्ष्मी, धन, पृथ्वी, श्री, सरस्वती व महान तेज को प्राप्त करता है। पूजित हुई कन्या विघ्न भय और अत्यन्त उत्कट शत्रुओं को भी नष्ट कर देती है तथा भक्तों के ग्रह, रोग, भूत तथा सर्प से होने वाले भय मिट जाते है। कुमारी कन्या को पाद्य, अर्घ, धूप, कुमकुम, चन्दन आदि को अर्पण कर भक्तिपूर्वक पूजा करनी चाहिएं।

कन्या पूजन : जितने उम्र की कन्या, वैसा ही अद्भुत फल
मंत्रमहोदधि ग्रन्थ’ के अनुसार दो वर्ष की आयु से लेकर दस वर्ष तक की कन्याओं का पूजन करना चाहिए। 2 वर्ष की कन्या की पूजा करने से धन-ऐश्वर्य मिलता है। 3 वर्ष की कन्या की पूजा करने पर धन-धान्य की प्राप्ति होगी। 4 वर्ष की कन्या की पूजा करने से परिवार का कल्याण होता है। 5 साल की कन्या की पूजा करने पर रोगों से मुक्ति मिलती है। 6 साल की कन्या की पूजा से विद्या, विजय और राजयोग मिलता है।

यह भी पढ़े बलिया में बाजार से महिला गायब, पति ने पुलिस को दी तहरीर

7 साल की कन्या की पूजा से ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी।8 साल की कन्या पूजा से व्यक्ति को कोर्ट केस में सफलता मिलेगी। 9 साल की कन्या की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है। 10 साल की कन्या पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कन्या पूजा में बालिकाओं के साथ एक बालक को बैठना जरूरी होता है। उस बालक को बटुक भैरव का प्रतीक माना जाता है। बटुक भैरव को भैरव नाथ का सौम्य स्वरूप माना जाता है।

यह भी पढ़े Ballia News : प्यार में बदली इंस्टाग्राम की दोस्ती, हजारों किलोमीटर दूर चले गये प्रेमी युगल

इस बार शारदीय नवरात्र में चतुर्थी तिथि में वृद्धि होने और नवमी तिथि का क्षय होने से अष्टमी और नवमी का व्रत एक ही दिन 11 अक्टूबर को किया जायेगा। 12 अक्टूबर को विजयदशमी मनाया जाना शास्त्र सम्मत है। शुरुआत और अंत का व्रत रखने वाले 11 को ही व्रत रखेंगे। और नौ दिन का व्रत रखने वाले और शुरुवात अंत वाले दोनो ही व्रती 12 अक्टूबर को पारण करेंगे।

ज्योतिषाचार्य
डॉ अखिलेश कुमार उपाध्याय 
इंदरपुर, थम्हनपुरा 
सम्पर्क सूत्र : 9918861411

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

बलिया में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार के लिए भव्य ध्वजारोहण बलिया में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार के लिए भव्य ध्वजारोहण
बलिया : महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम के तत्वावधान एवं समस्त सनातनी भक्तों के सहयोग से गंगा तट स्थित पावन स्थल...
Ballia में BLO को बैठने से रोकने पर प्रधानाचार्य को शोकॉज नोटिस, डीएम ने दिखाई सख्ती
Ballia News : पूर्व प्रधान की हत्या में दोषी पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत चार अभियुक्तों को उम्रकैद
महज 12 साल की उम्र में आरवी ने अमेरिका में फहराया परचम, गूगल भी हुआ प्रभावित
22 February Ka Rashifal : कैसा रहेगा अपना Sunday, पढ़ें आज का राशिफल
Ballia News : गांव की बड़ी हेवली के खंडहर में मिला लापता बालक का शव, हत्या की आशंका
Ballia News : 119 शिकायतों में 12 का निस्तारण, डीएम ने लेखपाल और कानूनगो को किया सस्पेंड