बलिया : बदलते समाज को वरिष्ठ पत्रकार की बेटी कामना ने दिखाया आइना
On



कामना पांडेय
बदलता समाज
जब साथ सब हुआ करते थे, हर लम्हा साथ जिया करते थे।
जब दिल में नफरत नहीं प्यार हुआ करते थे ,
तब सिर्फ साथ रहने की ही ख्वाहिश सब किया करते थे।
जब होली और ईद में दुश्मन भी दोस्त बन जाया करते थे ,
तब मिल बाट कर सब जिया करते थे।
जब माँ-बाप से रुठ कर भी हम मान जाया करते थे,
तब उनके प्यार की कीमत हम समझ जाया करते थे।
काश मोड़ सकती इस समय को फिर उसी ही दौर में,
जहाँ प्यार को बेचा न जाता था खुले बाजार में।
काश मोड़ सकती इस समय को फिर उसी ही दौर में,
जहाँ माँ-बाप न भेजे जाते थे, कभी ओल्ड एज होम में।
काश मोड़ सकती इस समय को फिर उसी ही दौर में ,
जहाँ बंटवारे नहीं होते थे कभी एक ही घर में।
ये इंसानों का खेल देखो क्या नए-नए करतब दिखलाता है,
सुंदर सी इस धरती का और क्या हष्र बनाता है।
कामना पांडेय
(लेखिका, बलिया के वरिष्ठ पत्रकार श्रवण पांडेय की पुत्री है।)
Tags: बलिया

Related Posts
Post Comments

Latest News
10 Jan 2026 23:07:07
बलिया : भीषण ठंड को देखते हुए शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कंबल वितरण/कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम...



Comments