बलिया : 25 साल जेल में रहेगा नाबालिग छात्रा को हवस का शिकार बनाने वाला यह शिक्षक

बलिया : 25 साल जेल में रहेगा नाबालिग छात्रा को हवस का शिकार बनाने वाला यह शिक्षक

बलिया : पुलिस अधीक्षक बलिया देव रंजन वर्मा के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप धारा 376 (3), 506 भादवि व धारा 5एफ/6, 13/14 पाक्सो एक्ट व 67 आईटी एक्ट के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 25 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पैंतीस हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। 


वादी ने पकड़ी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री 10वीं की छात्रा है। वह कोचिंग करने के लिए जाती थी। कोचिंग के दौरान ही आरोपी कोचिंग टीचर धीरज वर्मा ने वादी की नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर अश्लील हरकत करते हुए अनेकों फोटो एवं वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड कर दिया।

 

वहीं, मोबाइल से बार-बार फोन कर वादी को ब्लैक मेल कर रहा था। कह रहा था कि अगर अपनी नाबालिग बिटिया का विवाह उससे नहीं करोगे तो वह वादी की इज्जत की धज्जियां उड़ा देगा। वादी के नाते रिश्तेदार हर जगह ये वीडियो भिजवा देंगे। उसके बाद भी नहीं माने तो तुम लोगों को परिवार सहित जान से मार देगा। तुम्हें हर हालत में शादी करनी ही पड़ेगी, नहीं तो अंजाम बहुत बुरा होगा।

यह भी पढ़े बलिया में स्कार्पियों पर लदी पांच लाख की अर्जिनिया बरामद, जानिए कौन है गिरफ्तार शख्स

इस घटना के बाद से वादी का पूरा परिवार दहशत में था। लोक लाज के भय से हम घर से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। प्रार्थनापत्र के आधार पर सम्बन्धित थाने में अभियुक्त धीरज वर्मा के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत किया था, जिसकी विवेचना पूर्ण कर विवेचक द्वारा चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित की गयी थी। बलिया पुलिस व मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन शाखा के प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप न्यायालय द्वारा अभियुक्त को सजा सुनायी गयी। 

यह भी पढ़े बलिया : करीब 10 साल होगी बालक की उम्र, शव देख लोग सन्न


अभियुक्त धीरज वर्मा पुत्र लक्ष्मण वर्मा (निवासी : लखुसराय डंडारी, थाना पकड़ी, बलिया) को न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) बलिया को  धारा 6 पाक्सो एक्ट के अपराध में दोष सिद्ध पाते हुए 25 वर्ष के सश्रम कारावास एवं तीस हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

यह भी पढ़े बलिया में करंट से युवक की मौत, बेटे के शव को सीने से लगाकर बिलखती रही मां

अर्थदण्ड न अदा करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम  कारावास भुगतना होगा। वहीं, धारा 506 भादवि में अभियुक्त को दो वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। अर्थदण्ड न अदा करने पर अभियुक्त को 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

Post Comments

Comments

Latest News