बलिया का चर्चित शिवांगी हत्याकांड, दोषी मां और प्रेमी को उम्रकैद

बलिया का चर्चित शिवांगी हत्याकांड, दोषी मां और प्रेमी को उम्रकैद

बलिया : पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाये जा रहे अभियान OPERATION CONVICTION के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप तीन साल पहले हुए शिवांगी हत्याकांड में दोषी मां और उसके प्रेमी को जिला जज अमितपाल सिंह ने शनिवार को उम्रकैद की सुजा सुनाई। दोनों पर 15 हजार का जुर्माना लगाया।

करीमुद्दीनपुर क्षेत्र (गाजीपुर) में पवईपट्टी निवासी बिंदु की शादी हलधरपुर क्षेत्र (मऊ) के चकरा गांव में हुई थी। गांव के ही नरेंद्र उर्फ लाला राजभर के साथ उसका प्रेम प्रसंग था। वह 11 मई, 2022 को अपनी बेटी शिवांगी (08) और बेटे के साथ मायके गई थी। वह 29 मई, 2022 को बच्चों के साथ घर जाने के लिए निकली। वह घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। पता चला कि उसका प्रेमी उसे और उसके बच्चों को लेकर रसड़ा अपनी ममेरी बहन के घर चला गया। आरोप लगा कि प्रेम में बाधक बनी शिवांगी की दोनों ने हत्या कर दी। आरोपी बिंदु की बहन ने रसड़ा कोतवाली में शिवांगी की हत्या, साक्ष्य मिटाने और साजिश रचने का केस दर्ज कराया। जिला जज अमित पाल सिंह ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी। 

रोहित सिंह मिथिलेश

यह भी पढ़े बलिया में बढ़ी ठंड... दो दिन स्कूलों में अवकाश, देखें बीएसए का आदेश

Post Comments

Comments

Latest News

प्राथमिक विद्यालय हल्दी नं. 2 में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस प्राथमिक विद्यालय हल्दी नं. 2 में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस
Ballia News : शिक्षा क्षेत्र बेलहरी के हल्दी स्थित प्राथमिक विद्यालय नम्बर 2 में ध्वजारोहण कर 77वां गणतंत्र दिवस बड़े...
मंत्रोच्चार के बीच महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस
मन:स्थली एजुकेशन सेन्टर में धूमधाम से मना 77वां गणतंत्र दिवस : बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मोहा मन
27 January Ka Rashifal : कैसा रहेगा अपना मंगलवार, पढ़ें आज का राशिफल
बलिया में स्व. शिवकुमार सिंह स्मृति राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता : पटना को हरा चन्दौली सेमीफाईनल में
राधाकृष्णा अकादमी में भव्य और गरिमामय माहौल में मना 77वां गणतंत्र दिवस
सर्वे में खुलासा : बच्चे स्कूल में किताबों को समझने लगे हैं मोबाइल