बलिया : तहसीलदार न्यायालय से 85 मुकदमों की पत्रावलियां गायब !




शिवदयाल पांडेय मनन
बैरिया, बलिया : न्यायालय को इंसाफ का मन्दिर कहा जाता है। वहां गुण दोष के आधार पर फैसले होते है। ऐसे में तहसीलदार बैरिया के न्यायालय से 85 मुकदमों की पत्रावलियां चोरी हो जाने की घटना के बाद तहसील में हड़कंप मचा हुआ है। अधिवक्ता, वादकारी सभी परेशान है। अधिवक्ताओं ने इसके लिए कर्मचारी व अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। वही तहसीलदार बैरिया प्रकरण की विभागीय जांच के साथ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करने की बात कह रहे हैं।
बता दे कि बैरिया तहसील अपने एक से बढ़ कर एक करनामो को लेकर इन दिनों खूब चर्चा में है। उन्ही में शामिल है तहसीलदार न्यायालय की अलमारी से गायब 85 मुकदमों की पत्रावलियां। अधिवक्ताओं ने अपने मुवक्किलो की पत्रावली तहसीलदार न्यायालय के पेशकार से मांगी तो पत्रावली गायब थी। एक दो नहीं, बल्कि पचासी फरियादियों की पत्रावली गायब हैं। जिसमें सुशील बनाम मंजू, मंजू बनाम मथुरा, मथुरा बनाम मंजू निवासी बैरिया।
नीलू बनाम राम प्रवेश निवासी रामपुर गंगापुर, सावित्री बनाम विनय निवासी दुर्जनपुर, संतोष बनाम नीलम निवासी सोनबरसा, श्रीनाथ बनाम अरविंद मुरली छपरा, त्रियोगी बनाम कपिल चक गिरधर सहित विभिन्न गांव के 85 फरियादियों के मुकदमों की पत्रावलियां रहस्यमय ढंग से गायब हो गई हैं। अधिवक्ताओं ने इसके लिए जमकर बवाल काटा है। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और कानूनी कार्रवाई की बात करने लगा है। पहले तो तहसीलदार यह मानने को तैयार ही नहीं थे कि कोई पत्रावली मेरे न्यायालय से गायब हुई है, किंतु जब अधिवक्ताओं ने पत्रावली मांगनी शुरू किया, तब तहसीलदार सुदर्शन कुमार ने माना कि 85 पत्रावली चोरी हुई है।
बार एसोसिएशन बैरिया के अध्यक्ष अक्षयबर पांडे, उपाध्यक्ष उमेश सिंह, कलेक्ट बार के महामंत्री चंद्रशेखर यादव, बसंत पांडे, राजकुमार तिवारी, शिवजी सिंह, अजय सिंह, राजकुमार तिवारी, राकेश मिश्रा, हरिशंकर सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि बैरिया तहसील के अधिकांश न्यायालय मे अराजक तत्व सक्रिय है,जांच किया जाय तो 85 ही नहीं बल्कि बैरिया तहसील के सभी न्यायालयों की जांच की जाए तो यह संख्या बहुत बड़ी हो सकती है। मामले की जांच व कार्रवाई के लिए अधिवक्ता आंदोलन पर जाने को तैयार है।
अधिवक्ता नाराज
वादकारियों व अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि नायब तहसीलदार सुरेमनपुर के न्यायालय में पुरानी पत्रावलियों में बैक डेट में आदेश कर दिया गया है, जो गैरकानूनी व नियम के खिलाफ है। अधिवक्ताओं ने उक्त नायब तहसीलदार के स्थानांतरण तक इनके न्यायालय का बहिष्कार करने की घोषणा की है। वही नायब तहसीलदार रोशन सिंह ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया है।
बैरिया तहसील के तहसीलदार न्यायालय से 85 पत्रावली गायब है। इन पत्रावलियों के चोरी होने की आशंका है। बैरिया थाने में प्राथमिकी की दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।प्रकरण मे गम्भीरता से विभागिय जांच भी कराया जाएगा।
सुदर्शन कुमार, तहसीलदार बैरिया।

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