भागवत की ज्ञानगंगा में श्रद्धालुओं ने लगाया गोता

भागवत की ज्ञानगंगा में श्रद्धालुओं ने लगाया गोता

बलिया : मां गंगा में स्नान करके पुण्य प्राप्त करने के लिए गंगा घाट पर स्नान करने के लिये जाना पड़ता है, लेकिन भागवत की ज्ञानगंगा आपके साथ आपके घर पहुंच जाती है।
शहर के स्टेशन मालगोगाम रोड पर सोमवार देर सायं से शुरू हुए श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पं. कन्हैया पाण्डेय ने कही। कथा से पूर्व सुबह में शिवरामपुर गंगा घाट से जलयात्रा निकली, जो बालेश्वर मंदिर पहुंची।

यहां से कलश लिए भक्तजन कथा स्थल पर पहुंचे। सुखदेव जी और राजा परीक्षित की कथा सुनाते हुए कथावाचक पाण्डेय जी ने बताया कि भागवत कथा सुनाकर सुखदेवजी ने महाराज परीक्षित को सात दिन में ही मृत्यु के भाव से मुक्त कर दिए दिए। कथा के बीच में ही 'श्रीराधे चल वृंदावन मन भजले राधे, जो कहता राधा राधा कट जाती उसकी बाधा...' सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिये।

पंडित जी ने बताया कि भागवत गीता में लिखा है कि जब सुखदेव जी राजा परीक्षित को भागवत गीता अभी सुनाने वाले ही थे कि देवराज सहित अन्य देवता अमृत का कलश लिए सुखदेव जी के पास पहुंच गए। देवताओं ने कहा कि हम राजाको अमृत पिला देते है और आप हमें भागवत कथा का अमृत पिला दीजिए। देवताओं के इस व्यवहार से सुखदेव जी ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया। सुखदेव जी के इन्कार करने के बाद सभी देवता ब्रह्मा जी के पास गये उनके आशीर्वाद से देवता वही से कथा का रसपान किए और राजा परीक्षित मृत्यु के बाद वैकुण्ठ गये।

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