सम्पूर्ण समाधान दिवस: 208 मामलों में महज पांच का हुआ निस्तारण

सम्पूर्ण समाधान दिवस: 208 मामलों में महज पांच का हुआ निस्तारण



- बांसडीह तहसील के सभागार में एसपी संग डीएम ने सुनी आम जन की शिकायत


बलिया। बांसडीह तहसील सभागार में मंगलवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम भवानी सिंह खंगारौत व एसपी देवेंद्र नाथ ने आम जनता की समस्याओं को सुना। इस दौरान कुल 208 मामले आए, जिनमें 5 का मौके पर निस्तारण कराया गया। भूमि विवाद, अवैध कब्जा, पेंशन, राशन आदि के ज्यादा माामले आए। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतकर्ताओं को सुनने के बाद वहां मौजूद अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का निस्तारण गुणवतापूर्वक व समय से करें। इससे पहले पिछले समाधान दिवसों पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी की गयी।

समाधान दिवस में नगर व ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की कटौती व अन्य समस्याओं को दूर करने की मांग कुछ लोगों ने किया। डीएम ने एसडीओ को तत्काल समस्याओ को दूर कर रोस्टर के अनुसार बिजली देने का निर्देश दिया। इसी दौरान एसडीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने एसडीओ विद्युत को चेतावनी दी कि मोबाईल स्वीच आफ नहीं रखें। हुसेनाबाद की शिवकुमारी देवी ने कोटा की दुकान से राशन नहीं मिलने, हुसेनाबाद गांव के ही कमला देवी व बंधाव के सुमन देवी ने जमीनी विवाद निपटाने की मांग की। मनियर नगर पंचायत के मदन के साथ आए दर्जन भर लोगों ने सड़क निर्माण कराने व पानी की समस्या का समाधान करने की मांग किया।

बांसडीह के अभय नारायन पाण्डेय के वरासत व लोहटा के हरदेव यादव के मामले का मौके पर ही समाधान कराया। भूमि विवाद के आए मामलों पर जिलाधिकारी ने एसडीएम व तहसीलदार को मौके पर जाकर वास्तविकता जान गुणवत्तापरक निस्तारण करने को कहा। एसपी देवेन्द्र कुमार ने राजस्व कर्मियो को सलाह देते हुए कहा कि शिकायतों को पहले स्टेज पर ही निस्तारित कर दिया जाए तो जनसुनवाई में शिकायतों का बोझ कम होगा। भरोसा दिलाया कि पुलिस का पूरा सहयोग मिलेगा। अगर कोई भी पुलिसकर्मी सहयोग नहीं करता है तो सीधे मुझे बताएंगे। हरहाल में जनता को राहत दिलाना हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। एसडीएम अन्नपूर्णा गर्ग, सीओ अशोक कुमार सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

शिकायत की सत्यता जांचने को मौके पर पहुंचे डीएम

इस बार का समाधान दिवस कुछ अलग रहा। बांसडीह तहसील में शिकायत सुनने के दौरान डीएम भवानी सिंह खंगारौत एक शिकायत के निस्तारण की जांच के लिए कस्बा में विवाद स्थल पर पहुंच गए। वहां उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की और लेखपाल कानूनगों की कार्यशैली सम्बन्धी पूछताछ की। पाया कि न तो नजरीनक्शा बनाया गया और न ही शिकायतकर्ता को ठीक से सुना गया है। किसी तीसरे व्यक्ति से भी जानकारी लेने का कोई प्रमाण नहीं मिला। इस पर निस्तारण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लेखपाल—कानूनगो को कड़ी चेतावनी दी। कहा कि इस बार सिर्फ चेतावनी दे रहा हूं, अगली बार ऐसी गलती मिली तो सीधे निलंबन होगा। वहीं तहसीलदार से कहा कि पुरस्कार व दण्ड दोनों के माध्यम से तहसील की व्यवस्था को सुधारें। इसी दौरान जिलाधिकारी ने वहां मुकदमा लड़ रहे वादी व प्रतिवादी को भी बातचीत के माध्यम से मिलाया।

भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को कहा

 थाने स्तर से निस्तारित की गयी एक समस्या की सत्यता की जांच करने को डीएम—एसपी बांसडीह—सहतवार मार्ग पर स्थित अगउर पहुंचे। सोनी देवी की जमीन कब्जा करने की शिकायत पर वे जांच करने पहुंचे थे। वहां सड़क किनारे गलत तरीके से हो रही प्लाटिंग देख लेखपाल—कानूनगो व तहसीलदार को आड़े हाथों लिया। कहा कि विना किसी सक्षम अधिकारी से ले—आउट स्वीकृत कराए प्लाटिंग हो रही है और किसी ने कोई रिपोर्टिंग तक नहीं की। यह आपत्तिजनक है। ऐसे भूमाफियाओं पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजें। उन्होंने निर्देश दिया कि इस जमीन पर प्रशासन का एक बोर्ड लगवाएं, जिस पर यह लिखा हो कि यहां जमीन खरीदने पर किसी भी समस्या के जिम्मेदार प्रशासन नहीं, बल्कि वे खुद होंगे।

 लेखपालों को स्थानांतरित करने के दिए आदेश

 शिकायतों के निस्तारण की स्थिति देख नाराज जिलाधिकारी भवानी सिंह ने तहसीलदार को निर्देश दिया कि कस्बे के सभी लेखपालों का हल्का बदल डालें। कोई भी पुराना लेखपाल कस्बा में नहीं होना चाहिए। उन्हें गांवों में भेजें। नए लेखपालों को कस्बे की जिम्मेदारी दें जो आधुनिक भी हों। कस्बे के लेखपालों की कार्यशैली से नाराज होकर डीएम ने ये निर्देश दिए।


By-Ajit Ojha

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