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त्योहारों में धनतेरस का विशेष महत्व, ऐसी है मान्यता

भारतवर्ष त्योहारों का देश है। यहां हर धर्म के लोग स्वतंत्र होकर अपना त्यौहार मनाते हैं। हिंदू धर्म में धनतेरस दीपावली, होली, नवरात्रि, दशहरा, रक्षाबंधन, ओड़म, पोंगल, लोहड़ी, मकरसंक्राति, हनुमान जयंती, रामनवमी इत्यादि सैकड़ों त्यौहार है। धर्म के अनुसार दिन में हर प्रकार के पूजा पाठ का विधान है, लेकिन रात में सभी कर्मकांड को निषेध माना गया है। धनतेरस के दिन यमराज के लिए दीपदान किया जाता है। लोगों का मानना है कि इससे परिवार में अकाल मृत्यु नहीं होती। यमराज की पूजा सिर्फ साल में एक बार ही होती है। यमराज के लिए एक दीपक जलाया जाता है। धनवंतरी को आयुर्वेद का देवता माना जाता है। इसलिए उनकी भी पूजा की जाती है।लोग इसी दिन गणेश लक्ष्मी की मूर्ति बाजार से घर लाते हैं। धनतेरस के दिन चांदी के आभूषण खरीदने की परंपरा है, लेकिन जो लोग चांदी के आभूषण खरीदने में सामर्थ्य नहीं होते हैं वे लोग कोई न कोई बर्तन की खरीदारी करते हैं। चांदी चंद्रमा की प्रतीक मानी जाती है। चंद्रमा को शीतलता के लिए जाना जाता है। शीतलता का तात्पर्य संतोष से है यानी वही व्यक्ति सुखी है, जिसके पास संतोष रूपी धन है। जिसके पास संतोष है वह स्वस्थ माना जाता है। दीपावली की शुरुआत धनतेरस से ही शुरू होती है। लोग दीपक जलाकर धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी के आने का आह्वाहन करते हैं।

धर्म के अनुसार दिन में हर प्रकार के पूजा पाठ का विधान है, लेकिन रात में सभी कर्मकांड को निषेध माना गया है। धनतेरस के दिन यमराज के लिए दीपदान किया जाता है। लोगों का मानना है कि इससे परिवार में अकाल मृत्यु नहीं होती। यमराज की पूजा सिर्फ साल में एक बार ही होती है। यमराज के लिए एक दीपक जलाया जाता है। धनवंतरी को आयुर्वेद का देवता माना जाता है। इसलिए उनकी भी पूजा की जाती है।लोग इसी दिन गणेश लक्ष्मी की मूर्ति बाजार से घर लाते हैं। धनतेरस के दिन चांदी के आभूषण खरीदने की परंपरा है, लेकिन जो लोग चांदी के आभूषण खरीदने में सामर्थ्य नहीं होते हैं वे लोग कोई न कोई बर्तन की खरीदारी करते हैं। चांदी चंद्रमा की प्रतीक मानी जाती है। चंद्रमा को शीतलता के लिए जाना जाता है। शीतलता का तात्पर्य संतोष से है यानी वही व्यक्ति सुखी है, जिसके पास संतोष रूपी धन है। जिसके पास संतोष है वह स्वस्थ माना जाता है। दीपावली की शुरुआत धनतेरस से ही शुरू होती है। लोग दीपक जलाकर धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी के आने का आह्वाहन करते हैं।

यमराज के लिए घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाया जाता है। धनतेरस के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को साधन संपन्न लोग झाड़ू खरीद कर देते हैं। इससे ऐसे व्यक्ति पैसे की तंगी महसूस नहीं करते हैं। ऐसा माना जाता है। वैसे हर त्यौहार का अपना अलग महत्व है उसी तरह से हिंदू त्योहारों में धनतेरस का भी विशेष महत्व है।

वीरेन्द्र सिंह मनियर, बलिया

, बलिया

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