इंटरडिसीप्लिनरी और मल्टीडिसीप्लिनरी समझ को लागू करने के संकल्प के साथ बलिया नगर में FLN प्रशिक्षण संपन्न



Ballia News : भारतीय ज्ञान परंपरा को परिषदीय विद्यालय में अध्यनरत बच्चों के अंदर शिक्षा के प्राथमिक स्तर पर ही लागू किए जाने की दृष्टिकोण से शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में कक्षा 3 में लागू की गई नवीन पाठ्य पुस्तकों पर आधारित आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्रशिक्षण रविवार को नगर क्षेत्र, बलिया में पूर्ण हो गया। प्रशिक्षण के पांचवें दिवस पर विशेष आमंत्रित सदस्य नगर क्षेत्र में पूर्व में एबीआरसी तथा एआरपी के रूप में कार्यरत रहे डॉक्टर शशि भूषण मिश्रा ने अंग्रेजी की पाठ्य पुस्तक संतूर पर चर्चा करते हुए सभी इकाइयों को अंतर विषयक तथा बहुविषयक बनाकर पढ़ाए जाने की तकनीकियों पर विस्तार से बताया।
उन्होंने बताया कि बच्चों को प्राथमिक स्तर से ही अपनी धरोहरों मूल्य परिवार, समाज तथा राष्ट्र के प्रति लगाव जैसे विषयों की समझ का विकास किया जाना ही भारतीय ज्ञान परंपरा का वास्तविक उद्देश्य है। बच्चों को सक्षम बनाने हेतु भारत की विरासतों का सहारा लिया जाना उन्हें समृद्ध बनाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय स्तर पर इस प्रशिक्षण के गुणवत्ता के परीक्षण हेतु लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है साथ ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर पर भी गुणवत्ता पूर्ण प्रशिक्षण तथा पीपीटी के अनुसार प्रशिक्षण चले इस बात का ध्यान रखा जा रहा है।
नगर क्षेत्र के द्वितीय बैच के प्रशिक्षण में राज्य परियोजना कार्यालय से लगभग 45 मिनट तक गूगल मीट के माध्यम से मॉनिटरिंग किया गया तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया गया। नगर क्षेत्र के एकेडमिक रिसोर्स पर्सन लालजी यादव संजीव मौर्य तथा विनय कुमार वीणा एवं की रिसोर्स पर्सन अजय कुमार सिंह तथा सुजीत कुमार द्वारा प्रशिक्षण को गुणवत्तापूर्ण बनाए जाने हेतु टीम बनाकर तथा सत्रवार विभाजन करके सभी शिक्षकों की समझ नवीन पाठक पुस्तकों के साथ स्थापित की गई।
इस प्रशिक्षण में प्रमुख रूप से डॉक्टर सुनील कुमार गुप्ता, मनोज कुमार सिंह, वंदना जायसवाल, अकमल नईम खान, कमरुल नईम खान, अरसल नईम खान, वजैर अहमद, अनिल मिश्रा, आकाश गुप्ता, ललिता वर्मा, ममता सिंह, पद्मासनी मिश्रा, अवधेश कुमार, रवि शंकर प्रसाद आदि ने अपनी सहभागिता प्रस्तुत की। प्रशिक्षण समापन अवसर पर एकेडमिक रिसोर्स पर्सन लालजी यादव ने सभी शिक्षकों का आह्वान किया कि हम अपने विभागीय अनेकानेक कार्यों के बावजूद बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्पित रहे। प्रशिक्षण में बताए गए हुनर का प्रयोग नवीन पाठ्य पुस्तकों के साथ बच्चों की समझ के विकास के लिए अनिवार्य रूप से करें।

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