पीएम के स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे सरकारी हुक्मरान

पीएम के स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे सरकारी हुक्मरान



रसड़ा (बलिया)।  सरकार भले ही स्वच्छता अभियान में लाखों रुपए खर्च कर अभियान चलाकर लोगों को निरोग बनाने का दावा कर रही है किंतु उसका यह दावा रसड़ा ब्लाक में ध्वस्त होता दिखाई पड़ रहा है। ज़ी हां आलम यह है अधिकांश गांवों की सड़कें, नालियां तथा सार्वजनिक स्थलों पर कई महीनों तक सफाई कर्मियों द्वारा सफाई न किए जाने से लोगों को भारी दुश्वारियां उठानी पड़ रही है बावजूद इसके सफाई कर्मी कहीं धरातल पर दिख नहीं रहे बल्कि गांव के कागजों में  आल इज़ बेल यानी गांव है ख़ैर बताते चलें कि रसड़ा ब्लाक क्षेत्र में 157 महिला पुरुष सफाई कर्मचारियों स्वच्छता अभियान के तहत कागजों मे भारी भरकम फौज की तैनाती के बावजूद गावों मे नालिया बजबजा रही है ।  सरायभारती ,कोटवारी, जाम ,खड़सरा ,सुल्तानीपुर , मन्दा , अमहर ,प्रधानपुर, मुड़ेरा , गढ़िया, रामपुर,डेहरी ,अठिला, नगहर, आदि दर्जनों गांवों में तो सफाई व्यवस्था ही ध्वस्त होकर रह गई है।  समाजसेवी अवधेश सिंह , समाजसेवी संजीव सिंह , धनंजय सिंह, राजेश सिंह, इंनल सिंह, रमाकांत सिंह लोगों की माने तो गांवों के ग्रामीण अपने स्तर से कुछ सफाई जरूर करते हैं किंतु सफाई कर्मी तो  नजर आते नहीं हैं गांवों में सफाई व्यवस्था कब सुधरेगी यह तो विभागीय अधिकारी व प्रधान जी ही बता सकते हैं किंतु जिस तरह से स्वच्छत भारत अभियान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं वह निश्चित तौर पर सरकार के दावे का पोल खोलने के लिए काफी हैं।
पूरी घटनाक्रम पर  खण्ड विकास अधिकारी अशोक कुमार से दूरभाष पर  अखण्ड भारत न्यूज संवाददाता ने ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनका पक्ष जानने की कोशिश किया गया तो उन्होंने बताया कि एडीओ पंचायत ज्ञानप्रकाश पाण्डेय जी से बात कर लिजिए  फिर संवाददाता ने  ऐडिओ पंचायत पाण्डेय जी से दूरभाष पर गांवों का समस्यायों को ध्यान आकृष्ट कराते हुए  उनका पक्ष जानने की कोशिश किया तो उन्होंने बताया कि रसड़ा ब्लाक क्षेत्र में महिला सफाईकर्मी गांवों में जाती है घांस काटती है चूंकि सरकार की मंशा है कि महिलाएं काम थोड़ा कम करतीं  है लेकिन गांवों में जाती है जरुर मैं उनकी वकालत नहीं कर रहा हूं लेकिन पुरुष सफाई कर्मचारियों के सापेक्ष महिला सफाई कर्मचारी कार्य करतीं हैं । वहीं जब पाण्डेय जी से पूछा गया कि मंदा गांव का कभी धरातल पर चेक किया तो पाण्डेय जी दूरभाष पर बंगले झांकने लगें। 
बहरहाल, इसकी बानगी  इलाके के आदर्श ग्राम मंन्दा  में देखी जा सकती है, जहाँ नालियां बजबजा रहीं हैं और गंदा पानी सड़क पर पसरा है। कुल मिलाकर सफाई कर्मी अभियान का हवा निकालते नजर आ रहे हैं। 


रिपोर्ट पिन्टू सिंह

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

गरीबी और बदनसीबी से जूझ रहे परिवार के बीच 'राहत' लेकर पहुंचा बलिया का मदद संस्थान गरीबी और बदनसीबी से जूझ रहे परिवार के बीच 'राहत' लेकर पहुंचा बलिया का मदद संस्थान
बलिया : धर्मपुरा गांव निवासी ओमप्रकाश राजभर की असामयिक मौत 16 जून को हो गयी थी। महज 40 साल की...
क्या सच में केरल सरकार ने की है अपने 'विदेश सचिव' की नियुक्ति, मुख्य सचिव ने जारी किया यह बयान
बलिया में मासूम बालिका से दुष्कर्म, 28 साल के आरोपी युवक को मिली 25 साल की सजा
बलिया पुलिस के हत्थे चढ़ा युवक, संगीन अपराध में भेजा गया जेल
सावन में घर बैठे स्पीड पोस्ट से प्राप्त करें श्री सोमनाथ आदि ज्योतिर्लिंग मंदिर का प्रसाद
बलिया डीएम का आदेश, मुख्यालय न छोड़ें अधिकारी
डेढ़ सौ अध्यापकों के खिलाफ बलिया बीएसए की बड़ी कार्रवाई, इन हेडमास्टरों से भी जबाब-तलब