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धर्म-कर्म

शनिदेव की पूजा में नहीं करना चाहिए इसका उपयोग

धर्म-कर्म डेस्क। शनि को सबसे क्रूर ग्रह माना जाता है। शनिवार को मुख्य रूप से शनिदेव की पूजा की जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस पर भी शनि की साढ़ेसाती या ढय्या का प्रभाव होता है, उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, शनिदेव की पूजा करते समय कुछ बातों का …

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BALLIA में गंगा महाआरती: रोशनी से नहाया ‘मां’ का आंचल

बलिया। नगर के बाबा कीना राम मार्ग पर स्थित रामदल घाट पर एकादशी पर्व पर गंगा की महाआरती संपन्न हुई। आरती शुरू होते ही हर-हर शिव गंगे के नारे से गंगा तट गूंज उठा। सूर्य उगने के साथ वाराणसी व हरिद्वार के विद्वानों ने गंगा की महाआरती शुरू की। पूरे एक घंटे तक चले महाआरती को देखने के लिए भारी …

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बलिया: मनियर क्षेत्र में धूमधाम से मना CHHATH

मनियर, बलिया। सूर्य उपासना का पर्व डाला छठ मनियर क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। मनियर परशुराम स्थान चांदू पाकड़, बिचली मठिया, नाथ पाठशाला, देहात क्षेत्रों में घाघरा नदी के तट पर पतारघाट गोंड़वली, रिगवन व अन्य तालाबों गौरा बगहीं में स्वर्गीय राम अवतार सिंह के पोखरा, रानीपुर में धूपा सिंह के पोखरा,गौरी शाहपुर में खड़े सरी बाबा के पोखरा …

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दीपावली: पूजा की थाली में होनी चाहिए ये खास चीजें

धर्म-कर्म। दिवाली पर लक्ष्मी जी की पूजा के लिए थाली में कुछ खास चीजें जरूर होनी चाहिए। जिनके बिना पूजा पूरी नहीं होती। वैसे तो लक्ष्मी जी की पूजन सामग्री में जितनी चीजें रखें सब कम ही होती है,लेकिन अक्षत, कुमकुम, चंदन और दीपक जैसी और भी चीजें हैं जो न हो तो पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। …

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ऋषि-मुनि व देवी-देवता भी करते हैं भृगुक्षेत्र की पंचकोशी परिक्रमा

बलिया। सप्तद्वीपों की प्रदक्षिणा के बराबर पुण्य फल देने वाली, सभी प्रकार के पापों को नष्ट करने वाली, सर्वत्र विजय प्रदान करने वाली भृगु-दर्दर क्षेत्र की पंचकोशी परिक्रमा दीपावली (07 नवम्बर) को महर्षि भृगु मंदिर में पहुंचेगी। 08 नवम्बर की प्रातः गर्गाश्रम के लिये प्रस्थान करेगी। भृगु-दर्दर क्षेत्र के कार्तिक महात्म्य, कल्पवास, कार्तिक पूर्णिमा स्नान, ददरी मेले की महत्वपूर्ण कड़ी …

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दशहरा: इस विधि से करें भगवान राम की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त

धर्म ग्रंथों के अनुसार, आश्विन मास की दशमी तिथि को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का अंत किया था। बुराई पर अच्छाई की जीत की खुशी में ये पर्व पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 18 अक्टूबर, गुरुवार तो कुछ स्थानों …

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मां सिद्धिदात्री: पूजा करने से मिलती है ब्रह्मांड विजय प्राप्‍त करने की शक्ति

धर्म-कर्म। नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां सिद्धिदात्री भक्तों को हर प्रकार की सिद्धि प्रदान करती हैं। उनको मां दुर्गा की 9वीं शक्‍त‍ि माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भी पूरी व‍िध‍ि से उनकी साधना करता है उसे पूर्ण सृष्टि का ज्ञान प्राप्‍त होता है और उसमें ब्रह्मांड पर विजय प्राप्‍त करने …

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दशहरा विशेष: भगवान राम से पहले 4 महाबलियों से हार चुका था राव

धर्म-कर्म। भगवान ने रावण का अंत किया था और ज्यादातर लोग यही जानते हैं कि रावण सिर्फ श्रीराम से ही हारा था, लेकिन ये सच नहीं है। रावण श्रीराम से पहले भी 4 लोगों से हार चुका था। राम भगवान से पहले रावण शिवजी, राजा बलि, बालि और सहस्त्रबाहु अर्जुन से भी पराजित हो चुका था। इन लाेगाें से हार …

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नवरात्र: कन्या पूजन के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

नवरात्र में सप्‍तमी तिथि से कन्‍या पूजन शुरू हो जाता है और इस दौरान कन्‍याओं को घर बुलाकर उन्हे भोजन कराया जाता है और पूजा की जाती है। कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर इनका स्वागत किया जाता है। इनका आर्शीवाद लिया जाता है। आइए आज हम आपको कन्या पूजन विधि के बारे में बताते हैं ताकि आपको देवी …

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नवरात्र चौथा दिन: योग-ध्यान की देवी हैं कूष्मांडा माता

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-आराधना की जाती है। इनकी उपासना से सिद्धियों में निधियों को प्राप्त कर समस्त रोग-शोक दूर होकर आयु-यश में वृद्धि होती है। देवी कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। कूष्मांडा का अर्थ है कुम्हड़े। मां को बलियों में कुम्हड़े की बलि सबसे ज्यादा प्रिय है। इसलिए इन्हें कूष्मांडा देवी कहा जाता …

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