बलिया : 16 जून को शुभ योग में मनेगा गंगा दशहरा, आचार्य मोहित पाठक से जानिएं इसका महत्व और लाभ

बलिया : 16 जून को शुभ योग में मनेगा गंगा दशहरा, आचार्य मोहित पाठक से जानिएं इसका महत्व और लाभ

बलिया : ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है, जिसका सनातन धर्म में खास महत्व है। इस दिन मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इसी दिन मां गंगा पृथ्वी लोक पर अवतरित होकर राजा भगीरथ के पूर्वजों को मोक्ष प्रदान की थी। पंचांगों के अनुसार, इस साल गंगा दशहरा 16 जून रविवार को मनाया जाएगा। 

महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम् के आचार्य मोहित पाठक के मुताबिक, इस साल गंगा दशहरा पर सर्वार्थ सिद्धि, रवि, वरियान और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिन्हें पूजा-पाठ के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन सूर्योदय के साथ ही रवि योग शुरू हो जाएगा। इस शुभ योग में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों को करना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि गंगा दशहरा पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाने से सभी तरह के पाप मिट जाते हैं। इसके साथ ही रोग-दोष से मुक्ति मिलती है।

गंगा दशहरा पर भगवान शिव की पूजा का महत्व

यह भी पढ़े वैटरन्स डे पर वीर नारियों और भूतपूर्व सैनिकों को बलिया डीएम ने किया सम्मानित

यही वह दिन है, जब मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। अपने पूर्वजों की आत्मा के उद्धार के लिए भागीरथ मां गंगा को पृथ्वी पर लेकर आए थे। गंगा दशहरा पर भगवान शिव की पूजा का भी महत्व है, क्योंकि देवी उनके शीश पर ही विराजमान हैं। गंगा दशहरा के दिन गुड़ का भोग लगाना अच्छा माना जाता है। यह मंगल ग्रह का प्रतीक है। कहा जाता है कि महादेव को गुड़ अर्पित करने से जीवन की मुश्किलें समाप्त होती हैं।

यह भी पढ़े बलिया में संपूर्ण समाधान दिवस : CDO बोले-शिकायती पत्रों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारित करें जिम्मेदार

साथ ही गृह क्लेश दूर होता है। इसके साथ ही कुंडली से अशुभ ग्रहों का प्रभाव भी समाप्त होता है। इस दिन जल अन्न, फल, वस्त्र, पूजन व सुहाग सामग्री, नमक, तेल, गुड़ और स्वर्ण दान दश की संख्या में क्योंकि गंगा जी सर्व पापहारिणी है अतः दश प्रकार के पापों के निवृत्ति के लिए सभी वस्तुए दश की संख्या में दान करना चाहिए करना चाहिए। इस दिन शरबत पिलाने से भी अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है।

गंगा स्नान व पूजन का विशेष लाभ

गंगा दशहरा के दिन पवित्र गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने का विधान है। 'ज्येष्ठे मासि सिते पक्षे दशमी हस्त संयुता। हरते दश पापानि तस्मात् दशहरा  स्मृता।।' इस तिथि को गंगा स्नान एवं गंगा जी के पूजन से दश पापों का शमन होता है तीन कायिक, चार वाचिक तथा तीन मानसिक पापों का नाश होता है। डुबकी लगाते समय ‘ऊँ नमः शिवायै नारायण्यै दशहरायै गंगायै नमः’ मंत्र का उच्चारण जरूर करें। 

Post Comments

Comments

Latest News

13 February Ka Rashifal : इन राशियों का चमक सकता है भाग्य, पढ़िएं  दैनिक राशिफल 13 February Ka Rashifal : इन राशियों का चमक सकता है भाग्य, पढ़िएं  दैनिक राशिफल
मेषआत्मविश्वास चरम पर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपके सुझावों की सराहना होगी और अधिकारी वर्ग प्रभावित हो सकता है। यदि आप...
बलिया में दो CDPO समेत आठ कर्मचारी मिले अनुपस्थित, रोका वेतन
तहसील में बलिया DM का औचक निरीक्षण : नायब तहसीलदार से जवाब तलब, कई अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
बलिया भीषण सड़क हादसा : चाचा के सामने भतीजे की दर्दनाक मौत, सिसका हर दिल
बलिया में नाबालिग बालिका से गलत कृत्य करने वाला शिक्षक गिरफ्तार
सादा जीवन और उच्च विचार के प्रतीक थे पूर्व प्रधान केदारनाथ पाठक
बलिया में अन्तर्जनपदीय फुटबाल टूर्नामेंट : पडरौना और झारखण्ड के बीच होगा सुखपुरा खेल महोत्सव का खिताबी मुकाबला