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रिटायर तथा दुनिया छोड़ चुके 710 शिक्षकों को कर दिया शिक्षा एप में शामिल

दुर्ग। शिक्षा विभाग में अफसरों की लापरवाही का एक बड़ा नमूना सामने आया है। सालों पहले मृत और रिटायर होने वाले शिक्षकों के नाम भी विभाग ने नहीं हटाए। नतीजा अब जब टीम्स -टी एप में शिक्षक रजिस्ट्रेशन के डेटा जुटाए तो कार्यरत संख्या से शिक्षक ज्यादा हो गए है। दुर्ग संभाग में 710 मृत व रिटायर शिक्षकों के नाम टीम्स-टी ऐप में जुड़ गए हैं। प्रदेशभर के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का ब्योरा अपलोड करवाया जा रहा है। गड़बड़ी सामने आने के बाद अब जिला से मृत और रिटायर शिक्षकों के नाम हटवाए जा रहे हैं।

मृत और रिटायर्ड शिक्षकों के ये हैं उदाहरण

बालोद के शासकीय प्राथमिक शाला बघमरा में पदस्थ स्वाति शर्मा का निधन हो गया है। प्राथमिक शाला बरही में पदस्थ शेरसिंह ठाकुर की मौत हो चुकी है। बेमेतरा जिले के लखनलाल, चिंताराम, राजेन्द्र कुमार, पुष्पा टेंभुकर की मौत हो गई है। इसी तरह के मामले दुर्ग, राजनांदगांव और कबीरधाम जिले में हैं।

रिटायरमेंट शिक्षकों के उदाहरण

बालाेद जिले के परना प्राथमिक शाला के शिक्षक सुशील कुमार यादव रिटायर हो चुके हैं। पूर्व माध्यमिक शाला कोटगांव कन्हैयालाल नेताम बालक आश्रम प्राथमिक शाला बड़भूम के मूर्तिराम सेवानिवृत्त हो गए हैं। बेमेतरा जिले के सेवकराम शेरपा, लक्ष्मण वर्मा, भूषणलाल देशमुख सहित कई शिक्षक रिटायरमेंट है।

संभाग में सालों से स्कूल नहीं आ रहे कई शिक्षक

दुर्ग संभाग के पांच जिले में 710 शिक्षकों के नाम हटाए नहीं गए हैं। इसमें दुर्ग जिले में 111 शिक्षक शामिल है जिनकी या तो डेथ हो गई है या तो रिटायरमेंट ले लिया है। सबसे ज्यादा ऐसे मामले राजनांदगांव जिले में है। 298 शिक्षकों को विभाग ने अपने कार्यरत बताया है। वही एप में रजिस्ट्रेशन करवाने से एक और खुलासा हुआ है। संभाग में कई शिक्षक ऐसे भी मिले जो सालों से स्कूल पढ़ाने नहीं आते। प्राथमिक शाला सरदा, भाटापारा समेत दुर्ग संभाग के 25 से ज्यादा ऐसे स्कूल है जहां लंबे समय से टीचर पढ़ाने के लिए नहीं आ रहे हैं।

रिकार्ड देख सकते हैं अफसर

जिलों में मृत व रिटायर शिक्षकों की सेवापुस्तिका का संधारण जिला शिक्षा विभाग द्वारा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा करवाया जाता है। इन शिक्षकों के नाम वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों की सूची से विलोपित करना है। यह काम नहीं हुआ। टीम्स-टी ऐप में जब रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद जब संभागीय कार्यालय ने डेटा अपडेट किए तो कार्यरत संख्या से शिक्षकों की संख्या ज्यादा पाई गई। डेटा में इतना हेरफेर से अफसर सकते में आ गए। इसके रिकार्ड खंगलवाने के बाद यह लापरवाही पाई।

क्या है टीम्स-टी एेप के फायदे,जानिए

टीम्स-टी ऐप में प्रत्येक शिक्षकों, छात्रों, स्कूल डिवाइस कोड आदि की जानकारी रहेगी। ऐप में सरकारी योजनाएं जैसे नि:शुल्क साइकिल वितरण, छात्रवृत्ति, यूनिफार्म वितरण, मध्याह्न भोजन सहित अन्य की मानिटरिंग होगी। शिक्षक अपने वेतन, इंक्रीमेंट, तबादले आदि की जानकारी ले सकेंगे।

अब विलोपित करवा रहे हैं नाम

दुर्ग संभाग के पांचों जिले में मृत और रिटायर होने वाले शिक्षकों के नाम कार्यरत रिकार्ड से विलोपित नहीं हो पाए है। इसकी वजह से टीम्स-टी एेप में शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन लंबित शो हो रहा है। इसे दुरूस्त करवा रहे हैं।

पीके पांडेय, संयुक्त संचालक संभागीय शिक्षा

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