Breaking News
Home » बलिया » गंगा का रौद्र रूप : बलिया के इस गांव में तबाही, बाढ़ से घिरे कई गांव 

गंगा का रौद्र रूप : बलिया के इस गांव में तबाही, बाढ़ से घिरे कई गांव 

मझौवां, बलिया। खतरा बिंदु से 1.205 मीटर ऊपर बह रही गंगा नदी की लहरों ने रविवार को बैरिया तहसील क्षेत्र के केहरपुर गांव में जमकर तांडव मचाया। धार की कटार यूं चली कि पलक झपकते ही पेयजल योजना के तहत बनी पानी टंकी, उच्च प्राथमिक विद्यालय सुघरछपरा के साथ ही दर्जनभर आशियाने लोगों की आंखों से ओझल हो गये। नदी का रौद्र रूप देख गांव में भगदड़ मच गयी। लोग सुरक्षित स्थान के लिए पलायन करने लगे। इस बीच, दूबेछपरा रिंग बंधे पर विधायक सुरेन्द्र सिंह के साथ पहुंचे जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत केहरपुर गांव का जायजा लिए बगैर लौट गये।

मालूम हो कि गंगा नदी की बाढ़ व कटान के मद्देनजर जिलाधिकारी ने बाढ़ विभाग को अलर्ट किया था। बाढ़ आने से पहले कागजी तैयारियां खूब की गयी थी, लेकिन धरातल पर तैयारियां पूरी तरह फ्लाप शो साबित हुई। इस बार गंगा नदी ने तीन बार खतरे की घंटे बजायी, लेकिन उसकी रौद्रता का अंदाजा जिला प्रशासन नहीं लगा सका। पहली बार उफनाई गंगा की लहरों ने खतरा विन्दु 57.615 मीटर को पार कर 58़ 800 मीटर की विन्दु पर पहुंची, लेकिन बाढ़ विभाग ने नदी की लहरों को रोकने के लिए सरकारी धन के बंदरबाट का जरिया ‘फ्लड फाइटिंग’ का सहारा लिया। तब तक नदी का पानी नीचे खिसक गया, लिहाजा बचाव कार्य भी बंद हो गया। इसी बीच नदी दूसरी बार लाल निशान को पार कर 58़ 880 मीटर पर पहुंची और तबाही की कहानी लिखकर लौट गयी। तीसरी बार नदी उफनाई तो प्रशासन मौन रहा, तब तक रविवार को गंगा की लहरें 58.882 मीटर की विन्दु को टच करने के साथ ही केहरपुर गांव में तबाही की नई कहानी लिख दी। यहां उप्रावि सुघरछपरा, पानी टंकी के साथ ही जलेश्वर दुबे, मुनेश्वर दुबे, रामेश्वर दुबे, प्रभुनाथ ओझा, रामनाथ ओझा, योगेंद्र ओझा, जयप्रकाश ओझा, रमाकांत ओझा, शिवनाथ ओझा, शंभूनाथ ओझा, मंगलदेव ओझा का आशियाना इनकी नजरों के सामने ही नदी का निवाला बन गया। विवश पीड़ित दिल थाम कर मायूस नजरों से अपनी बर्बादी देखते रहे। भयंकर कटान से भगदड़ मच गयी। सूचना पर पहुंचे जिलाधिकारी ने दूबेछपरा रिंग बंधे पर ही एसडीएम बैरिया व बाढ़ विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।

कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

मीडियम फ्लड लेबल पार करने के साथ ही गंगा किनारे बसे एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सुघरछपरा, केहरपुर, जगछपरा, डांगरबाद, बाबूबेल, बादिलपुर, अवशेष शुक्लछपरा, चौबेछपरा इत्यादि गांव गांव पानी से घिर गये है। इन गांवों में अब तक समुचित नाव की ब्यवस्था तक नहीं है। इसमें सबसे खराब स्थिति केहरपुर गांव की है। लोग अपना घर उजाड़ रहे है। सामान समेट रहे है, लेकिन उसे सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने में काफी परेशानी हो रही है।

एसडीएम को डीएम ने दिया निर्देश

जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने उपजिलाधिकारी बैरिया दुष्यन्त कुमार को निर्देश दिया कि केहरपुर में जिनकी मकान नदी में विलीन हो गयी है, उनकी सूची बनाकर तत्काल सहायता मुहैया करायी जाय। पीड़ितों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत छप्पर उपलब्ध कराया जाय। डीएम ने कहा कि जलस्तर गिरने के बाद केहरपुर को बचाने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर काम कराया जायेगा।

Share With :
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel

About Poonam ( चीफ इन एडीटर )

चीफ इन एडीटर

Check Also

बलिया : निलंबित दुकानदार के पक्ष में सिर्फ एक कार्डधारक

हल्दी, बलिया। विकास खंड बेलहरी अंतर्गत ग्राम सभा पिन्डारी के राजकीय सस्ते गल्ले के निलंबित …

Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.