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BALLIA में गंगा महाआरती: रोशनी से नहाया ‘मां’ का आंचल

बलिया। नगर के बाबा कीना राम मार्ग पर स्थित रामदल घाट पर एकादशी पर्व पर गंगा की महाआरती संपन्न हुई। आरती शुरू होते ही हर-हर शिव गंगे के नारे से गंगा तट गूंज उठा। सूर्य उगने के साथ वाराणसी व हरिद्वार के विद्वानों ने गंगा की महाआरती शुरू की। पूरे एक घंटे तक चले महाआरती को देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी। वाराणसी की तर्ज पर बलिया में गंगा की महाआरती को देखने के लिए जनपद के कोने-कोने से श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह चार बजे से ही उमड़ पड़ी थी। मां गंगा की पूजा मुख्य अतिथि संत शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री उड़िया बाबा एवं गोपाल दास जी महाराज के सानिध्य में होने के बाद विद्वानों ने गंगा की आरती शुरू की। इस दौरान विशिष्ट अतिथि चेयरमैन अजय कुमार समाजसेवी भी मौजूद रहे। पूरे आरती के दौरान वाराणसी के नमामी शंकर आरती गीत प्रस्तुत करते रहे। महिलाएं दोनो हाथ उठाकर ताली बजा-बजाकर मां गंगे का नाम लेती रही। आरती संपन्न होने के बाद पूरा तट हर-हर गंगे के जयकारे से गूंजने लगा।

गंगा भक्त रामदल द्वारा एकादशी के पर्व पर मां गंगा की आरती का आयोजन किया गया। इसमें वाराणसी के आरती के पांच विद्वान फूलों से सजे मंच पर आरती कर रहे थे और वही दूसरे मंच पर नमामी शंकर आरती गीत की प्रस्तुति कर रहे थे। सबसे पहले आरती के विद्वानों ने मां गंगे की फूलों से पूजा की। एक तरफ गंगा की महाआरती हो रही थी तो दूसरी तरफ श्रद्धालु गंगा तट पर दीप जलाकर मां गंगा की आरती कर रहे थे। आयोजन स्थल पर देवी-देवताओं की झांकियां भी सजायी गई थी। झांकी दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। आरती में शामिल होने के लिएत भोर से ही गंगा स्नान शुरू हो गया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ महाआरती में शामिल हो गई। चेयरमैन अजय कुमार समाजसेवी ने कहा कि गंगा मंदिर प्रांगण में अतिशीघ्र इंटरलाकिंग की व्यवस्था की जायेगी। इसका गंगा भक्तों ने मां गंगे का जयकारा लगाते हुए स्वागत किया। श्रीश्री 1008 उड़िया बाबा ने मां गंगे की महत्ता पर प्रकाश डाला। कहा कि गंगा मां एक नदी नहीं, बल्कि ये हमारी आध्यात्मिक सांस्कृतिक धरोहर है। निर्मल कुमार उपाध्याय, लक्ष्मण सिंह, अंबिका यादव, परशुराम जी, गुड्डू जी, अनिल जी, विनोद जी, सोना देवी, नागेन्द्र प्रताप श्रीवास्तव, भरत जी, मोतीलाल चौरसिया, रामाकांत, मदन जी, मोहन जी, पप्पू जी, पुजारी पाठक आदि मौजूद रहे। संचालन अजीत कुमार दूबे ने किया।

आरती के बाद प्रसाद वितरण

गंगा की महाआरती के बाद सभी श्रद्धालुओं को गंगा भक्त रामदल द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। गंगा तट के किनारे व्यवस्थित तरीके से बैरेकेटिंग कर सभी श्रद्धालुओं मेंप्रसाद वितरण किया गया। इसके अलावा आयोजन समिति की ओर से गंगा तट के किनारे नि:शुल्क चाय, फल वितरण व पेयजल की भी व्यवस्था की गई थी।

गंगा मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

बलिया। कार्तिक एकादशी के पर्व पर गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा तट के किनारे स्थित मां गंगा के मंदिर में पूजन के लिए उमड़ पड़ी। सुबह से लगायत दोपहर तक मां गंगा की पूजा होती रही। महावीर घाट गायत्री मंदिर से गंगा तट तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। पूरे मार्ग तक श्रद्धालुओं द्वारा दीपक जलाये गये थे। महिलाएं गंगा गीत गाते हुए गंगा तट तक जाती रही। स्नान के बाद ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा भी दिया गया। गंगा मंदिर के पास स्थित साधु-संतों की भीड़ रही। यहां पूजन के बाद महिलाएं दान स्वरूप अन्य व पैसे दे रही थी।
भजनों पर रातभर झुमते रहे श्रोता
मां गंगे की संध्या भजन, भव्य महाआरती व दीप महोत्सव रविवार की शाम छह बजे से ही प्रारंभ हो गया। भजन गायक बंटी वर्मा के भक्तिमय भजनों से सभी मंत्रमुग्ध हो गये। श्रोता रात 12 बजे तक भक्तिमय के सागर में गोता लगाते रहे। गंगा भक्त रामदल द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भण्डारा की व्यवस्था भी किया गया था। इधर, गंगा भक्त रामदल के सदस्यों द्वारा महावीर घाट से लेकर गंगा तट तक प्रकाश की समुचित व्यवस्था किया गया था।
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