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बलिया : पिटाई से घायल युवक को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप ; पहुंचे अधिकारी

बलिया। सुखपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुखपुरा में घर में घुसने का आरोप लगाकर दबंगों द्वारा किशोर की पिटाई मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों सहित ग्रामीणों ने घायल को सड़क पर रखकर सुखपुरा चौराहे को जाम कर दिया। परिजन पुलिसिया कार्यावाही से असंतुष्ट थे। सड़क जाम की सूचना मिलते ही मौके पर एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी व सीओ आदि मौके पर पहुंच गये। अधिकारियों ने परिजनों तथा ग्रामीणों को समझा-बुझा कर उचित कार्यावाही करने का आश्वासन देकर करीब 2.30 घण्टे बाद जाम समाप्त कराया। वहीं किशोर को इलाज के लिए भेजा गया।

मनीष चौहान (16) पुत्र मुन्ना चौहान को नहर पर स्थित एक घर में गुरुवार की आधी रात को घुसने का आरोप लगाते हुए उक्त घर के परिजनों द्वारा बुरी तरह पिटाई कर पुलिस को सूचना दिया गया। पुलिस उसे रात में ही इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया। दो-तीन दिनों के इलाज के बाद उसकी हालत खराब होने लगी तो चिकित्सकों ने वाराणसी रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, बीएचयू के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान उसकी हालत और खराब हो गई। लेकिन पैसे के अभाव में परिजन उसे रविवार की रात घर लेकर चले आए और सोमवार की सुबह सुखपुरा चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। 

इस दौरान पुलिस पर लापरवाही बरतने, रिश्वत लेकर हल्के धारा में मुकदमा दर्ज करने सहित तमाम आरोप परिजन और ग्रामीण लगाते रहे। चक्का जाम के चलते चौराहे के चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में शामिल लोग बीच में पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारा भी लगाते रहे। इस दौरान एएसपी, एसडीएम सदर, सीओ सिटी सहित चार पांच थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। करीब ढाई घंटे बाद पुलिस बेहोश युवक को थाने लेकर गई। तत्पश्चात इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।

मां बोली

वहीं, किशोर की मां कहना है कि मेरा बेटा मनीष निमंत्रण में गया था। इसी बीच दबंग उसे अपने घर में ले जाकर निर्मम तरीके से पिटाई करके नहर के पास फेंक दिये। यही नहीं उन्हीं दबंगों में से एक ने आकर मुझसे कहा कि तेरे बेटे को मारकर नहर के पास फेंक दिये हैं। मैं नहर के पास पहुंची तो देखा कि मेरा लड़का बेहोशी की अवस्था में पड़ा है। उसके तन पर ऊपरी कपड़े भी नहीं थे। मेरे पुत्र को बुरी तरह मारा गया था। लोग हमें भी मारने की धमकी दे रहे थे। आनन-फानन में मनीष को जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। वहां भी चिकित्सकों ने ज़बाब दे दिया।

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