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बलिया में इसरो के प्रो. राजन बोले - 'एब्यूज, डिस्यूज व मिस्यूज' से बचें, क्षितिज से भी आगे की सोचें

रोहित सिंह मिथिलेश
बलिया। JNCU बलिया के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे इसरो के मानद प्रोफेसर वाईएस राजन ने विभिन्न विषय वर्ग के विद्यार्थियों को उनके क्षेत्र से सम्बन्धित सफलता की सम्भावनाओं के कई मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि सफल होने के सबसे जरूरी है, जीवन, शरीर व मन को स्वस्थ एवं स्वच्छ रखना। उन्होंने तीन शब्द ‘एब्यूज, डिस्यूज व मिस्यूज‘ यानि दुर्व्यवहार, अनुपयोग व दुरूपयोग से बचने की सलाह दी। इन तीनों शब्दों को तमाम उदाहरण सहित विस्तार से समझाया। कहा कि स्वस्थ शरीर व मन से ही आप अपने पेशेवर जीवन में उपलब्धि पा सकते हैं। प्रो. राजन ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आपको क्षितिज से भी आगे की सोचना होगा। उन्होंने शरीर को स्वस्थ रखने के कई टिप्स दिये। मेरूदंड को हमेशा सीधा रखने की सलाह दी। खाने या मोबाइल चलाने के दौरान अत्यधिक झुके रहने से गंभीर परिस्थिति पैदा हो सकती है। खाने-पीने, सोने व आराम करने में संयम का होना जरूरी है।

प्रो. राजन ने कहा कि काफी लोग सरकरी नौकरी ही चाहते हैं, पर सरकारी नौकरियां सीमित है। अब भी भारत में अधिकतर रोजगार असंगठित क्षेत्रों से है, जैसे-स्वव्यवसाय, दुकानदार, कार्मिक आदि। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में अंग्रेजी का साधारण ज्ञान तथा कम्प्यूटर चलाने की सामान्य जानकारी अत्यंत आवश्यक है। पर्यटन, होटल प्रबंधन, कृषि, सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य आपूर्ति क्षेत्र के विभिन्न पक्ष, खुदरा नेटवर्क, मनोरंजन क्षेत्र, टीवी, सिनेमा, संगीत, आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां कौशलयुक्त व्यक्तियों की मांग है। बैंकिंग क्षेत्र, सीए के सहयोगी के रूप में, लघु मध्यम उद्योगों के लिए लेखा धारण, जीएसटी से सम्बन्धित सहयोगी के रूप में कार्य करने के भी तमाम मौके उपलब्ध हैं। साथ ही अतिरिक्त तकनीकी कौशल अर्जित करने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया।

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