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JNCU बलिया का दीक्षांत समारोह : 34 विद्यार्थियों को मिला गोल्ड मेडल, बोलीं राज्यपाल- शिखर सम्मेलन भारत में होना गर्व की बात


रोहित सिंह मिथिलेश
बलिया। जनननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षान्त समारोह सोमवार को कुलाधिपति/राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस समारोह में कुल 25220 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी गयी, जिसमें 22421 स्नातक स्तर के तथा 2799 स्नातकोत्तर स्तर से विद्यार्थी सम्मिलित हैं। इसके अलावा 34 मेधावियों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया, जिसमें 28 छात्राएं व 6 छात्र हैं। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि इसरो के मानद प्रोफेसर पद्मश्री वाईएस राजन व विशिष्ट अतिथि प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय सम्मिलित हुए।

राज्यपाल ने समस्त विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा दीक्षांत समारोह शैक्षणिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। यह खुशी की बात है कि यह विश्वविद्यालय बलिया जनपद की सांस्कृतिक विरासतों को खोजने, उन्हें खोजने व संरक्षित रखने की दिशा में काम कर रहा है। गोल्ड मेडलिस्ट में छात्राओं की संख्या 80 फीसदी होने पर हर्ष जताया। साथ ही छात्रों को भी कड़ी मेहनत करने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह दौर विज्ञान और तकनीकी का है, लिहाला हमें इसके साथ कदमताल को तैयार रहना होगा। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प इसी दिशा में बढ़ाया गया सार्थक कदम है। समस्त विद्यार्थियों के लिए अपने पैरों पर खड़े होने के संकल्प का भी है। भौतिक विकास के साथ ऊंचे जीवन मूल्यों के संरक्षण पर उन्होंने विशेष जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि स्टार्टअप इण्डिया, स्टैण्डअप इण्डिया, पीएम स्कॉलरशिप जैसे कार्यक्रम उद्यमशील युवाओं के लिए नई सम्भावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने बलिया जनपद की मिट्टी से जुड़े ख्याति प्राप्त व्यक्तियों को ‘लिविंग लिजेंड्स ऑफ बलिया‘ फोरम से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया। एक भारत-श्रेष्ठ भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ओडीओपी के अन्तर्गत विश्वविद्यालय सिन्होरा व बिन्दी उद्योग में तकनीकी सहयोग दे रहा है।

स्वास्थ्य सही रखना है तो मोटा अनाज खाएं

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि हम सबका सेहतमंद रहना सबसे जरूरी है। इसलिए स्वास्थ्य सही रखना है तो मोटा अनाज खाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी वर्ष 2023 को ‘मिलेट ईयर‘, यानि ‘मोटा अनाज वर्ष‘ घोषित किया है। पहले हमारे देश में 40 प्रतिशत मोटा अनाज का उत्पादन होता था, परन्तु आज विलुप्त होने के कगार पर है। हमें फिर मोटे अनाज की पैदावार व उसका अधिकाधिक प्रयोग करना ही होगा। तमाम गंभीर रोगों से निजात दिलाने में मोटा अनाज मदद करता है।

शिखर सम्मेलन भारत में होना गर्व की बात

राज्यपाल ने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन इस वर्ष भारत के नेतृत्व में होने जा रहा है। भारत ही सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा। यह हम सबके लिए गर्व की बात है। प्रदेश के भी चार शहरों में कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि यह अनुसंधान की सदी है और इस सदी में बहुत कुछ करने की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी के कंधों पर है।

योग को जरूर अपनाएं

राज्यपाल ने कहा, टाटा कैंसर रिसर्च सेंटर द्वारा यह शोध किया गया है कि योग के माध्यम से ब्रेस्ट कैंसर ठीक हो गया। योग के माध्यम से अन्य कई गंभीर रोगों से निजात पा सकते हैं। योग अत्यंतत ही शक्तिशाली है, लिहाजा हम सब योग को जरूर अपनाएं।

परिषदीय विद्यालय के बच्चों को दुलारा, दिए उपहार

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जननायक विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में ही परिषदीय विद्यालय के बच्चों से भी मिली। बच्चों को खुब दुलारा तथा उनको बैग व अन्य पढ़ाई-लिखाई से सम्बन्धित उपहार भेंट की। बच्चों ने भी अपनी ओर से नये वर्ष के अवसर पर ग्रिटिंग कार्ड, पेेंटिंग आदि दिये, जिसे पाकर राज्यपाल काफी प्रफुल्लित हुईं। उन्होंने कहा कि छोटी उम्र में ही बच्चे जो देखते हैं, वह सीखते हैं। यहां से बच्चे घर जाएंगे तो एक सकारात्मक विचार लेकर जाएंगे। यहां का चित्रण अपने घर व पासपड़ोस में करेंगे, जिससे अन्य बच्चों ने प्रेरणा का भार पैदा होगा। राज्यपाल से मिलने वालों में प्रावि बरवां के छात्र धनजी, प्रावि गांधीनगर की नन्दिनी, सर्व शक्ति, ऋतु पटेल, मुन्नी व विराट यादव, उच्च प्रावि गांधीनगर की करीना व सौरभ, कम्पोजिट विद्यालय सुखपुरा के खुश्बू, प्रतिमा, रिया, प्रियांशु सिंह व दिव्या भारती, प्रवि बोड़िया की छात्रा ज्योति राजभर, प्रावि मिश्रौलिया की सुप्रिया, माही व सौरभ कुमार, कम्पोजिट विद्यालय कैथवली की शिवांगी पटेल, सिद्धार्थ सिंह, मोनिका शुक्ला, पूर्णिमा, विराज व प्रिंस कुमार, प्रावि बांसपाली के साधना व मनीष चौहान, कम्पोजिट विद्यालय बेरूआरबारी की कृति, रिजवान, नितेश, प्रमोद व मुर्तजा अंसारी शामिल थे।

लक्ष्य प्राप्ति में सरकार की योजनाएं बन रहीं सहायक: उच्च शिक्षा मंत्री

दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथि योगेंद्र उपाध्याय ने बलिया की महान विभूतियों को नमन कर अपने सम्बोधन की शुरू की। उन्होंने कहा कि कोई दीक्षांत समारोह किसी भी यूनिवर्सिटी के लिए विशिष्ट होता है। यह क्षण विद्यार्थियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने वाले शिक्षकों को प्रफुल्लित करने वाला होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की दृष्टि से यह विवि महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यह पहला विश्वविद्यालय है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के लिए आंतरिक मूल्यांकन व आकलन सम्बन्धी प्रशिक्षण को सम्पन्न कराया गया। खेलकूद एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों के सर्वांगीड़ विकास पर विशेष जोर है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं समस्त छात्र-छात्राओं के लक्ष्य को प्रदान करने में सहायक होंगी।

कुलपति ने जताया आभार

समारोह में सबसे पहले कुपलति प्रो कल्पलता पाण्डेय ने समस्त अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल विषम परिस्थिति में कामर्शियल फ्लाईट से वाराण्सी आयीं और वहां से कोहरे का समय होने के बावजूद स़ड़क मार्ग से साढ़े तीन घंटे की यात्रा कर यहां पहुंची, इसके लिए हम सब विशेष अभारी हैं। उन्होंने वि​श्वविद्यालय की अब तक उपलब्धियों को विस्तार से बताया। उन्होंने मिसाईल मैन डॉ कलाम साहब के साथ 'बियोंड 2020' नामक पुस्तक की रचना करने वाले इसरो के मानद प्रोफेसर पद्मश्री वाईएस राजन के प्रति भी आभार जताते हुए कहा कि प्रो राजन का सम्बोधन हमारे विद्यार्थियों के लिए काफी प्रेरणादायी होगा। समारोह में राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल, एसपी राजकरन नैय्यर, एसडीएम सदर प्रशांत नायक सहित विवि के स्टाफ व विभिन्न कालेज के प्रबंधक मौजूद थे।

जल भरो आंदोलन का शुभारंभ कर जल संरक्षण का दिया संदेश

जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह के मंच से ही 'जल भरो आंदोलन' का शुभारंभ मटके में जल भरकर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्य अतिथि इसरो के मानद प्रोफेसर पद्मश्री वाईएस राजन व कुलपति ने एक बड़े मटके में जलभर जल संरक्षण के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। इस दौरान विश्वविद्यालय के संगीत के छात्र-छात्राओं का जल संरक्षण पर आधारित गीत काफी शानदार अनुभव करा रहा था। इसके बाद विवि की स्मारिका सृजन, विवि की ही समाचार पत्रिका अनुवीक्षण तथा सनातन प्रवाह के अलावा विवि के तीन अध्यापकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।




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