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क्रॉस डिसेबिलिटी एवं सूचना संचार तकनीकी में प्रवीण हुए बेसिक के विशेष शिक्षक

आजमगढ़। समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ उत्तर प्रदेश के निर्देश के क्रम में समेकित शिक्षा के अंतर्गत क्रॉस डिसेबिलिटी एवं सूचना संचार तकनीकी के उपयोग पर आधारित तीन दिवसीय मंडल स्तरीय प्रशिक्षण में बलिया, मऊ एवं आजमगढ़ जनपद में कार्यरत समस्त विशेष शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आजमगढ़ में आयोजित प्रशिक्षण में शिक्षक तमाम नवीन तकनीकी से लैस हुए।

प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन लखनऊ के सीसीआरटी में आयोजित किया गया था, जिसमें आजमगढ़ मंडल से बलिया जनपद के एआरपी डॉ शशि भूषण मिश्र, राम रतन सिंह यादव तथा एसआरजी आशुतोष कुमार सिंह तोमर एवं विशेष शिक्षक विनय तिवारी तथा बिंदु राज को प्रशिक्षित किया गया था। 5 से 7 जनवरी 2023 तक मंडल स्तरीय कार्यशाला में मंडल के समस्त विशेष शिक्षकों को इनके द्वारा क्रॉस डिसेबिलिटी एवं सूचना संचार तकनीकी के उपयोग से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम आयोजक सहायक शिक्षा निदेशक आजमगढ़ मंडल मनोज मिश्र द्वारा कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए सभी प्रशिक्षणार्थियों का आह्वान किया गया कि आप समाज के उन जरूरतमंदों को शिक्षा प्रदान करने के लिए नियुक्त हैं, जिन्हें मुख्यधारा में जोड़ा जाना अति आवश्यक है। उन्होंने कक्षा कक्ष की अवधारणा को प्रथम प्राथमिकता बताते हुए सभी प्रशिक्षणार्थियों तथा प्रशिक्षक गणों को अवसर की समानता के बारे में विचार करने एवं लागू करने का आह्वान किया गया।

कार्यशाला में समावेशी शिक्षा व्यवस्था को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए जनपद बलिया के जिला समन्वयक समेकित शिक्षा एवं प्रशिक्षण ओमप्रकाश सिंह ने अंतर दिव्यांगता को पढ़ाई में बाधा ना आने देने के लिए सकारात्मक दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया। आजमगढ़ मंडल के समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक संतोष कुमार द्वारा गंभीर एवं बहुत दिव्यांग बच्चों के लिए होम बेस्ड एजुकेशन से परिचित कराया तथा इसे लागू करने के लिए सभी प्रशिक्षणार्थियों का आह्वान किया।

जनपद मऊ के समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का आंकड़ा पेश किया गया एवं विकासशील देशों में दिव्यांगता की पहचान के लिए तेजी लाए जाने का आह्वान किया गया। कार्यशाला के संचालक एवं प्रशिक्षक तथा नगर क्षेत्र बलिया के अंग्रेजी विषय के एआरपी डॉ शशि भूषण मिश्र द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को बताया गया कि जब कभी हम किसी व्यक्ति को आकर्षित करना चाहे तो हमें सबसे पहले उसके अंदर छिपी हुई भावनाओं को जानना होगा तथा उसको एक संसाधन के रूप में स्वीकार करना होगा।

एआरपी राम रतन सिंह यादव द्वारा छिपी हुई दिव्यांगताओं के बारे में अति शीघ्र पहचान के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। एसआरजी आशुतोष कुमार सिंह तोमर द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम एवं चिकित्सा का अधिकार तथा अच्छे जीवन का अधिकार के संबंध में चर्चा करते हुए बताया गया कि सतत एवं व्यापक सहयोग से हम किसी भी प्रकार के दिव्यांग जन को मुख्यधारा से जोड़ सकते हैं।

प्रशिक्षण की समाप्ति पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आजमगढ़ के वरिष्ठ प्रवक्ता सूर्य प्रताप सिंह द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों तथा प्रशिक्षक को प्रतिकूल मौसम में पूर्ण मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा देने के लिए साधुवाद ज्ञापित किया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आजमगढ़ की प्रवक्ता निरुपमा गुप्ता द्वारा बौद्धिक अभिक्षमता विकास की अवधारणा को विस्तारपूर्वक समझाया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आजमगढ़ के प्रवक्ता वीरेंद्र प्रताप तथा डॉ भावना मिश्रा ने भी प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया।जनपद बलिया के विशेष शिक्षक जितेंद्र एवं अन्य ने कार्यशाला को सफल बनाने में अपना योगदान प्रस्तुत किया।

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