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बलिया में पराली जलाने वाले किसानों पर चला प्रशासनिक डंडा, 9 लोगों से होगी वसूली

अजीत पाठक
सिकन्दरपुर, बलिया। बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल व सुप्रीम कोर्ट का निर्देश भी नाकाफी साबित हो रहा है। कोर्ट के सख्त निर्देश पर प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया है कि किसी भी सूरत में खेतों में धान की पराली न जलाई जाए, लेकिन विडम्बना यह है कि मनाही के बाद भी तहसील क्षेत्र के कई गांवों के किसान खेतों में धड़ल्ले से पराली जला रहे हैं। जिससे एक तरफ जहां वायु प्रदूषण की समस्या दिन ब दिन गम्भीर होती जा रही है तो दूसरी ओर मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

नौ किसानों पर लगा जुर्माना

पराली न जलाने के निर्देश के बाद भी धृष्टता करने वाले किसानों पर प्रशासन ने कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को राजस्व विभाग ने ग्राम सभा कोथ और कठौड़ा के नौ किसानों के खिलाफ हजारों रुपये हजार का जुर्माना ठोक दिया। इस बाबत सम्बंधित किसानों को नोटिस भी जारी कर दिया गया है। उपजिलाधिकारी अखिलेश कुमार यादव की संस्तुति पर कोथ निवासी किसान राजकुमार, स्वामी नाथ, देवनाथ, ज्योतिया देवी तथा कठौड़ा निवासी अंकुर राय, अर्चना देवी, लाल मुन्नी देवी, बृजनाथ व श्रीभगवान पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए नोटिस भेज दिया है।

इस सम्बंध में एसडीएम सिकन्दरपुर अखिलेश कुमार यादव ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में पराली जलाना दंडनीय अपराध है। पराली न जले इसके लिए हलका लेखपाल और ग्राम प्रधानों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। उक्त दोनों ग्राम पंचायतों के हल्का लेखपाल द्वारा निरीक्षण के दौरान पराली जलाने की बात सामने आई है। जिसके आधार पर जुर्माना आरोपित किया गया है। बताया कि पूरे तहसील क्षेत्र में नजर रखी जा रही है। जो भी पराली जलाएगा, उसके विरुद्ध सख्‍त कार्रवाई होनी तय है। उन्होंने किसानों से एक बार फिर खेतों में पराली न जलाने की अपील की।

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