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तुझे आना तो था मगर ऐसे नहीं : तिरंगे में लिपटा घर पहुंचा बलिया का लाल, रो पड़ा हर दिल

हल्दी, बलिया। सेना के जवान का शव जैसे ही गांव पहुंचा कोहराम मच गया। घर-परिवार ही नहीं, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गयी। अपने लाल की एक झलक पाने को हर कोई बेताब रहा। जवान का अंतिम संस्कार गंगा नदी के चैनछपरा घाट पर किया गया, जहां साथ आये जवानों ने गार्ड फॉर आनर दिया। 

हल्दी थाना क्षेत्र के परसिया गांव निवासी प्रकाश सिंह (26) पुत्र संजय सिंह सेना के 130 आरसीसी ग्रिफ में ईस्ट सिक्किम में तैनात थे। गुरुवार की रात सिक्किम की पहाड़ियों में सभी जवानों के साथ कैम्प में प्रकाश भी सोए थे। शुक्रवार की सुबह प्रकाश सिंह के साथियों ने चाय पीने के लिए कैम्प से बाहर चलने को कहा, लेकिन उसने रात 09 बजे की फ्लाइट से गांव जाने की बात कह कर सो गया। शुक्रवार की सुबह छः बजे कैम्प के ऊपर पहाड़ी पर खड़ी सेना की गाड़ी में एक प्राइवेट गाड़ी ने टक्कर मार दिया दिया। इससे असन्तुलित दोनों गाड़ी पहाड़ी से नीचे लगे प्रकाश के कैम्प पर गिर गयी, जिसके नीचे दब कर प्रकाश सिंह की मौके पर ही मौत हो गयी।

संयोग रहा कि उसके सभी साथी चाय पीने चले गए थे, अन्यथा बहुत बड़ी घटना हुई होती। शनिवार की दोपहर करीब 11 बजे प्रकाश का पार्थिव शरीर पैतृक गांव परसिया पहुंचा तो परिवार के साथ-साथ इलाके में कोहराम मच गया। गांव सहित आस पास के गांव के लोगों की भीड़ दरवाजे पर इकट्ठा हो गयी। पार्थिव शरीर को साथ लेकर आये जवानों ने चैनछपरा गंगा घाट पर गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार कराया।मुखाग्नि दिवंगत जवान के पिता संजय सिंह में दी।

प्रकाश दो भाईयों में बड़ा थे, जो 2018 में 130 आरसीसी ग्रिफ में भर्ती हुए थे। प्रकाश की शादी फरवरी 2020 में हल्दी थाना क्षेत्र के मझौवा गांव निवासी विजेन्द्र सिंह की पुत्री स्वीटी सिंह से हुई थी। प्रकाश सिंह के पिता संजय सिंह यूपीपी में कार्यरत है। इस घटना के बाद मृतक की माता ब्यूटी सिंह तथा परिवार के लोगो का रोते रोते बुरा हाल है, जबकि इस घटना से अनजान गर्भवती पत्नी स्वीटी सिंह बलिया के किसी नर्सिंग होम में तीन दिन पहले से भर्ती है।


एके भारद्वाज

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