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बलिया में महारुद्र यज्ञ : भक्ति की सरिता में श्रद्घालु लगा रहे गोता, इन पत्रकारों को सम्मान

मझौवां, बलिया। भगवान स्वतंत्रता से अपने भक्तों की भक्ति के बस होकर अनेकों प्रकार का अवतार ग्रहण करते हैं। अनेकों लीलाएं करते हैं। मनुष्य को भगवान की उन लीलाओं का कथा श्रवण भजन करना चाहिए, ताकि मनुष्य का उद्धार हो। भगवान अनंत है। उनके गुण भी अनंत हैं। जो यह सोचता है कि मैं प्रभु के गुणों को गिन लूंगा, वह मूर्ख है। भगवान के अनंत गुणों का कोई किसी प्रकार पार ही नहीं पा सकता। 

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नवका गांव में संचालित महारुद्र यज्ञ में ख्याति लब्ध संत बालक बाबा ने कहा कि पृथ्वी, जल, वायु, आकाश, अग्नि इन पांच भूतों का अपने आप से अपने आप में सृष्टि की है। जब प्रभु द्वारा विराट शरीर ब्रम्हांड का निर्माण करके उसमें लीला से अपने अंश अंतर्यामी रूप से प्रवेश करते हैं तो भोक्ता रूप से नहीं, क्योंकि भोक्ता तो अपने करमो के फलस्वरूप ही जीव होता है। तब उन आदि नारायण को पुरुष नाम से कहते हैं। यही उनका पहला अवतार है। प्रभु के विराट ब्रह्मांड शरीर में तीनों लोक स्थित है। उन्हीं के इंद्रियों से समस्त देह धारियों की ज्ञानेंद्रियां और कामेंद्रिया बनी है। प्रभु के स्वरूप से ही स्वत: सिद्ध ज्ञान का संचार होता है। उनकी स्वास्थ्य स्वास सब शरीरों में आता है एवं कर्म करने की शक्ति प्राप्त होती है। 

गया पीठाधीश्वर स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य जी ने बताया कि प्रभु ने देवताओं की रक्षा के लिए देवासुर संग्राम में आतताइयो का वध किया। विभिन्न प्रकार से अपनी शक्ति से अनेकों कला व अवतार धारण करके त्रिभुवन की रक्षा की। फिर वामन अवतार ग्रहण करके प्रभु ने याचना के बहाने इस पृथ्वी को दैत्य राज बली से छीन लिया और अदिति नंदन देवताओं को दे दिया। वही प्रभु रामावतार में समुद्र पर पुल बाधा एवं रावण और उसकी राजधानी लंका को मटिया मेट कर दिया ।

काशी से पधारे संदीपाचार्य जी महाराज ने बताया कि प्रभु श्री राम ब्रह्म है। वीर हनुमान संत है। और सुग्रीव जीव है ।जब जीव रूपी सुग्रीव का मिलन संत रूपी वीर हनुमान से हुआ तो ब्रह्म रूपी भगवान ने जीव रूपी सुग्रीव का बाली को मार कर कल्याण कर दिए। बिनु सत्संग विवेक न होई राम कृपा बिनु सुलभ न सोई। कथा देर रात तक चलती रही, जहां श्रद्धालु जन कथा रूपी सागर में डूबते उतराते रहे। इस मौके पर पूर्व न्यायाधीश रामाश्रय सिंह, बलवंत सिंह उर्फ घीव सिंह, प्रधान प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह, चंदन सिंह, संतोष सिंह, रूद्र प्रताप सिंह, वीरेंद्र सिंह सेवक, कुमारी मधु सिंह, कुमारी प्रीति सिंह, गुप्तेश्वर सिंह रामलाल सिंह, श्रीनिवास तिवारी, आनंद सिंह, श्रीभगवान सिंह, मुक्तेश्वर सिंह, शोभनाथ सिंह, पप्पू सिंह, संतोष सिंह, देवता सिंह, मनोज यादव, राजाराम सिंह, चंदन पासवान, विरेंद्र पासवान, अशोक तिवारी, तारकेश्वर पाठक, भरत तिवारी, संजय गोंड, उमा गोंड, गुड्डू राम ललन राम इत्यादि श्रद्घालुओं की सेवा में जुटे है। 

पत्रकार सम्मानित

नवका गांव मठिया में संचालित नौ दिवसीय महारुद्र यज्ञ की आठवें दिन यज्ञ संचालक ख्याति लब्ध सन्त बालक बाबा व प्रधान प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह ने सभी साधु-संतों के साथ ही पत्रकार विश्वनाथ तिवारी, सत्येन्द्र कुमार पाण्डेय, निर्भय कुमार पाण्डेय, हरेराम यादव, मनोज तिवारी, सोनू चौबे को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।बालक बाबा ने कहा कि देश के चौथे स्तंभ पत्रकार बंधु प्रतिदिन यज्ञ स्थल पर आकर विद्वानों के ज्ञान को दूर दूर के जन जन तक पहुंचा कर एक अलग ही यज्ञ कर दिए।पत्रकारों का सम्मान देश के चौथे स्तंभ का सम्मान होगा। 


हरेराम यादव

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