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Karwa Chauth आज : सजना है 'सजना' के लिए, चलनी की ओट से सुहागिनें निहारेंगी पिया का चांद सा मुखड़ा


बलिया। प्रियतम के नेह की डोर को और प्रगाढ़ करने व अखंड सुहाग की रक्षा के लिए सुहागिन महिलाएं गुरुवार यानी आज करवा चौथ पर चंद्र दर्शन के साथ चलनी की ओट में पिया का मुखड़ा निहारेंगी। चांद के जैसा पिया का मुखड़ा निहारने के लिए खूब तैयारियां की गई हैं। इस बार अखंड सुहाग के लिए करवा चौथ का व्रत अमृत काल में रखा जाएगा। निर्जला व्रत धारण कर महिलाएं चंद्रदर्शन के बाद अर्घ्य देंगी। फिर रात्रि में चंद्रमा की पूजा कर पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत का पारण करेगी। यह पर्व पति-पत्नी के अटूट रिश्ते की मिसाल है। 

सुहागिनों के त्योहार करवा चौथ का क्रेज पर्व के एक दिन पहले खासा नजर आया। सौभाग्यवती महिलाएं सजना के लिए सजने की तैयारियों में दिन भर जुटी रहीं। करवा सजाने से लेकर खुद सजना के लिए सजने-संवरने की होड़ मची रही। शहर के मीना बाजार के अलावा ब्यूटी पार्लरों में मेहंदी से हथेलियां सजाने के लिए सुहागिनों की भीड़ लगी रही। विभिन्न शैली में किसी ने फूलों के बीच अपने पिया का नाम रचवाया तो किसी ने पूरी कलाई मेहंदी रचवा डाली। सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों के सामने लगभग हर जगह ऐसा ही दृश्य नजर आया। 

इस बार चतुर्थी तिथि गुरुवार की सुबह 1:59 बजे लगेगी, जो 14 अक्तूबर की भोर 3:08 बजे तक है। ऐसे में उदया तिथि की मान्यता का पालन करते हुए करवा चौथ 13 अक्तूबर को मनाई जाएगी। गुरुवार की रात चंद्रोदय से एक घंटा पहले व्रत रखने वाली महिलाएं शिव परिवार की पूजा करेंगी। विद्वानों के मुताबिक, इस बार चतुर्थी पर अमृत काल मिल रहा है। इस मुहूर्त में करवा की पूजा शुभ फलदायी होगी। वेदियों पर करवा सजाकर सविधि पूजन के साथ ही करवा चौथ पर सुहाग की कामना की जाएगी, जबकि व्रती महिलाओं की सास सरगी बनाएंगी।

करवा चौथ : शुभ मुहूर्त
13 अक्तूबर की शाम 06:01 बजे से शाम 07:15बजे तक
अमृतकाल:
शाम 04:08 बजे से शाम 05: 50 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त:
सुबह 11:21 बजे से दोपहर 12: 07 बजे तक।
चंद्रदर्शन:
रात 08:19 बजे।
 

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