To Learn Online Click here Your Diksha Education Channel...


ads booking by purvanchal24@gmail.com

बलिया में गंगा की लहरों ने लूटी थाती, माथा पीट रहे किसान

मझौवां, बलिया। गंगा नदी में पुनः आई बाढ़ का पानी जहां ग्राम पंचायत गोपालपुर के उदई छपरा हरिजन बस्ती में फैलना शुरू कर दिया है, वही गंगा की रेती पर लगभग सैकड़ों एकड़ परवल की खेती को डुबोकर किसानों को बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया है। अब गंगा का पानी ग्राम पंचायत दया छपरा की राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के किनारे  निचले इलाकों में फैलना शुरू कर दिया है।

गंगा नदी एक बार फिर किसानों को भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया। गरया, डांगरबार, गायघाट, बघौच, बेलहरी, बादिलपुर में हजारों एकड़ खेतों में परवल बोया गया था, जो डूब गया है। वहीं मुरली छपरा मौजा, शुभनथही मौजा, किशनपुरा मौजा के सैकड़ों किसानों की परवल खेती बर्बाद होने से किसानों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है। 

किसान महंगे दामों पर बाहर से परवर की लत्ती लाकर पहले ही खेतों की बुवाई किए थे कि सीजन से पहले ही फल आएगा तो ज्याड़ा मुनाफा मिलेगा, पर गंगा ने इन किसानों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए सारी पूंजी डुबो डाली। अब किसान माथा पीट रहे हैं कि फिर परवल कि लत्ती कहां से लाएंगे और खेत की बुवाई कब और कैसे हो पाएगी। वही इस क्षेत्र में छेमी बोने वाले किसान खेत तैयार किए थे, जो गंगा के पानी को देख सदमे में आ गए हैं। किसान मैनेजर सिंह, बिनोद पाण्डेय, संजय मिश्र आदि का कहना है कि अगर बाढ़ का पानी इसी तरह रहा तो सारी कार्तिक की खेती बर्बाद हो सकती है। केन्द्रीय जल आयोग गायघाट गेज के अनुसार सुबह आठ बजे 58.080 मीटर रिकॉर्ड किया गया। आठ बजे से कास्टेंट है। 


हरेराम यादव

Post a Comment

0 Comments