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हे गगन ! बता क्या बात हुई...


हे गगन ! बता क्या बात हुई क्यों धैर्य तुम्हारा छूट गया,
उम्मीद जहां थी शोषित की वह प्रमुख सितारा टूट गया।
नेता जी ने दुनिया छोड़ी हर आंख से आंसू बहने लगे,
सब ओर उदासी फैल गई अरमान दिलों के कहने लगे।
हम सब की जीवनधारा का मजबूत किनारा टूट गया।।
हे गगन ! बता क्या बात हुई...

एक फूल सिमट कर बिखर गया चहुंओर महक बिखरा करके,
एक दीप बुझा है जन-जन को जीने की राह दिखा करके।
संवेदना के जल से पूरित वह कलश हमारा फूट गया।
हे गगन! बता क्या बात हुई...

नजरों ने सजते देखा था अनगिनत विशाल सभाओं में,
हर बार नया चिंतन देखा निष्णात अनेक कलाओं में।
अब नजर कहीं नहीं आएगा नजरों का नजारा टूट गया।
हे गगन ! बता क्या बात हुई...

चलते चलते इन राहों पर कोई साथ अचानक छोड़ गया,
दिग्दर्शक था हम सब का जो वह पथिक आज दम तोड़ गया।
क्या हाल कहें अपने दिल का दिल ही बेचारा टूट गया।
हे गगन! बता क्या बात हुई क्यों धैर्य तुम्हारा टूट गया।

नेता जी के चरणों में अर्पित विनम्र श्रद्धांजलि 

साभार : सोशल मीडिया

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