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बलिया : स्कूलों के औचक निरीक्षण को लेकर विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने कही ये बात

बलिया। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन बलिया ने बैठक कर विद्यालयी समय पूर्व निरीक्षण पर विरोध दर्ज कराया। कहा कि विभाग द्वारा अपनी नाकामियों का ठिकरा शिक्षकों के ऊपर फोड़ कर समाज में यह दृष्टिकोण पैदा करने का असफल प्रयास किया जा रहा है कि इसके लिए केवल और केवल शिक्षक ही जिम्मेदार हैं। 

विगत शैक्षिक सत्र में निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि नवीन सत्र प्रारंभ होने के लगभग 4 माह बीत जाने के उपरांत भी छात्र छात्राओं को वितरण हेतु निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें अभी तक अप्राप्त हैं। परिषदीय विद्यालयों की आधारभूत संरचना का अध्ययन किया जाए तो विद्यालय आधारभूत सेवाओं से संतृप्त नहीं है।छात्र शिक्षक अनुपात उनके विषमताओं का दंश  परिषदीय विद्यालयों को झेलना पड़ रहा है।

इसे नकारा नहीं जा सकता कि निजी और परिषदीय विद्यालयों के अवसंरचना, बुनियादी ढांचा और आधारभूत सुविधाओं में काफी असमानता है, फिर भी निजी विद्यालयों से स्पर्धा की दौड़ में परिषदीय विद्यालय अपनी सेवाओं के लिए कृत संकल्पित हैं। लेकिन निजी विद्यालयों एवं परिषदीय विद्यालयों की आधारभूत प्रणालियों और सेवाओं के बीच विषमताओं के लिए जिम्मेदार हुक्मरान सामाजिक दृष्टिकोण में शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराने में लगे हुए हैं। 

जिला अध्यक्ष डॉ घनश्याम चौबे ने कहा कि निरीक्षण और पर्यवेक्षण का हम विरोध नहीं करते हैं, लेकिन इसका उद्देश्य सुधारात्मक होना चाहिए ना की उत्पीड़नात्मक। डॉक्टर चौबे ने कहा कि निरीक्षण शब्द को बेसिक स्कूलों में समझा जाए तो यह किसी पुलिस दबिश और इनकम टैक्स रेड से कम नहीं है। बड़े स्तर के निरीक्षणों की तुलना में छोटे स्तर के निरीक्षण बहुत आक्रामक देखे जाते हैं। दिन प्रतिदिन समाज के दृष्टिकोण में शिक्षकों की छवि धूमिल करने का सुनियोजित षड्यंत्र किया जा रहा है। कहा कि बालिका शिक्षा दर अगर बढ़ी है तो परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों पर अभिभावकों के विश्वास और इन्हीं शिक्षकों के दम पर। आज भी परिषदीय शिक्षक कम संसाधनों के बल पर गैर शैक्षणिक कार्यों को करते हुए समाज को आगे ले जाने की कोशिश में लगे हुए हैं। फिर क्या औचित्य है इन भयाक्रांत करने वाले निरीक्षणों का, जो अधिकारियों और शिक्षकों के बीच भय, अविश्वास और कटुता पैदा करें। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से विद्यालयों में समय पूर्व छापेमारी के भय से शिक्षकों के दुर्घटना के कारण मौत की घटनाएं स्तब्ध करने वाली हैं। 

विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ऐसे किसी भी छापेमारी का विरोध करता है। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जनपद स्तर पर समय पूर्व छापेमारी से भयाक्रांत कर यदि शिक्षकों का उत्पीड़न किया जाता है या कोई अप्रिय घटना होती है तो विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन इसका प्रबल विरोध करेगा। बैठक में अरुण कुमार सिंह, अवनीश सिंह, नित्यानंद पांडे, अनिल सिंह, शर्मानाथ यादव, योगेंद्र वर्मा, राजेंद्र तिवारी, सुनील गुप्ता, अरविंद "श्रीरिश्म", डॉ आशुतोष शुक्ला, जितेंद्र यादव, विजय कुमार, जनार्दन दुबे, ओंकार नाथ पांडे, संजय वर्मा, अतहर इरशाद, सुरेश वर्मा, रजत मद्धेशिया आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। बीआरसी बांसडीह पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष घनश्याम चौबे और संचालन जिला मंत्री धीरज राय ने किया।

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