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बलिया का निकला रेल सम्पत्ति चुराने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का सरगना, भूतपूर्व सैनिक है यह शातिर

वाराणसी। वाराणसी मंडल की रेलवे सुरक्षा बल टीम को बड़ी सफलता मिली है। रेसुब की टीम ने अभी तक सवा करोड़ की रेलवे लाइन और इलेक्ट्रिक वायर चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया सरगना उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद का निवासी है, जो भूतपूर्व सैनिक है। वह चोरी का माल पटना में कई कारखानों से सांठ-गांठ कर बेचता था।  

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ पूर्वोत्तर रेलवे डॉ अभिषेक कुमार ने बताया कि 27 मार्च को कादीपुर स्टेशन यार्ड से DCM और हाइड्रा से रेल लाइन चोरी करने के जुर्म में दोनों ही वाहनों के ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया था। इस सम्बन्ध में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की वाराणसी सिटी स्टेशन पोस्ट पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था।


घटना क्रम में 27 मार्च को कादीपुर स्टेशन यार्ड से भारवाहक वाहन DCM और हाइड्रा के माध्यम से रेल लाइन चोरी करने जुर्म में उक्त के चालकों को गिरफ्तार कर मुकदमा संख्या 02/22 अंतर्गत धारा 3RP (UP) act के तहत रेलवे सुरक्षा बल, पोस्ट वाराणसी सिटी में दर्ज किया गया। पुछ-ताछ के दौरान उन्होंने  बताया कि उनको किसी व्यक्ति ने मोबाइल पर निर्देशित कर उक्त अपराध करवाया है। 

उक्त मुकदमे की जांच निरीक्षक/CIB/ वाराणसी अभय कुमार राय को सुपुर्द की गई। मुकदमे की जांच सूक्ष्मता तथा परतदार तरीके से कर अपराधिक षड्यंत्र करने वाले सेवानिवृत्त आर्मी जवान रणविजय सिंह (38) पुत्र नारायण सिंह (निवासी हरदिया, पोस्ट-सिवानकलां, थाना-सिकंदरपुर, जिला-बलिया) को सिकंदरपुर थाना बलिया के पास से समय 13:30 बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में  IPF/CIB/BSB अभय कुमार राय (E.O), हेड कांस्टेबल विनोद सिंह, जनार्दन यादव, सुधीर कुमार राय, प्रभात कुमार मिश्रा एवं मनिंद्र यादव शामिल रहे। 

पड़ताल में पता चला कि आरोपी ने अपराध करने के लिए किसी अन्य व्यक्ति के आधार कार्ड से फर्जी सिम प्राप्त किया। उसी सिम के माध्यम से बात कर ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था कर खुले में पड़े रेल लाइन और बिजली के सरकारी सामान को चोरी कर पटना में बेचकर ठिकाने लगाया। अपराध कारित होने के उपरांत सिम और मोबाइल को नष्ट कर दिया। अभियुक्त ने अब तक दानापुर, भागलपुर, कहलगांव, बगहा, मुजफ्फरपुर तथा नौगछिया स्थानों से चोरित माल का निस्तारण पटना (बिहार) में इकट्ठा कर विभिन्न कारखानों को बेच दिया। अब तक चोरित संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग सवा करोड़ रूपये है।

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