To Learn Online Click here Your Diksha Education Channel...


ads booking by purvanchal24@gmail.com

साइबर सेल बलिया ने कराई अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी, ऑनलाइन फ्रॉड से बचना है तो न करें यह काम

बलिया। आए दिन साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को भ्रमित कर उनके बैंक खातों व अन्य माध्यमों से धोखाधड़ी कर धन निकाला जा रहा है। इन घटनाओं के प्रकाश में आने पर एसपी के निर्देश पर साइबर सेल अपनी गोपनीय माध्यमों से अपराधियों पर नकेल कस रहा है। इसी कड़ी में साइबर सेल ने एक शिकायतकर्ता का 10 लाख 39 हजार रुपये वापस कराया है, जो अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी है। इतनी बड़ी रकम वापस मिल जाने से खुश शिकायतकर्ता ने बलिया पुलिस तथा साइबर सेल टीम की न सिर्फ प्रशंसा की, बल्कि आभार भी व्यक्त किया।

बैरिया थाना क्षेत्र के चकिया गांव निवासी शिकायतकर्ता सोनू कुमार शाह पुत्र शिव जी शाह  ने अपने बैंक खाते से 10,39,000/-रुपये फ्राड की शिकायत एसपी राजकरन नय्यर से की। फिर साइबर सेल द्वारा तत्काल शिकायत को संज्ञान मे लेते हुए त्वरित विधिक कार्यवाही की गयी और 25 जून को शिकायतकर्ता का सभी पैसा वापस कराने में साइबर सेल को सफलता भी मिल गई।साइबर सेल टीम में निरीक्षक राजेश कुमार मिश्र, आरक्षी अमरनाथ मिश्रा, आरक्षी प्रशान्त कुमार सिंह, आरक्षी कृष्ण मोहन शुक्ला व आरक्षी शिवचन्द यादव शामिल रहे। 

ऑनलाइन फ्रॉड से बचना है तो बरते सावधानी

पढ़ाई-लिखाई से लेकर जॉब तक और शॉपिंग से लेकर बैंकिंग तथा पेमेंट तक… सबकुछ ऑनलाइन हो गया है। इस ऑनलाइन सिस्टम ने हमारी लाइफ को बेहद आसान कर दिया है,  लेकिन इसी सिक्के का दूसरा पहलू इसके रिस्क फैक्टर्स भी हैं। आए दिन ऑनलाइन फ्रॉड की खबरें आती रहती हैं। कभी कोई खुद को बैंककर्मी बताकर पैसों की ठगी कर लेता है तो कभी कोई किसी कंपनी का प्रतिनिधि बनकर। कभी कोई जॉब के नाम पर ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो जाता है तो कभी किसी लॉटरी-वॉटरी या जैकपॉट ऑफर के चक्कर में। अनपढ़ लोगाें की तो छोड़िए, बहुत सारे पढ़े-लिखे और अधिकारी वर्ग के लोग भी ऑनलाइन ठगी के शिकार हो जाते हैं। इस पर बलिया साइबर सेल में तैनात आरक्षी अमरनाथ मिश्र से Purvanchal24 ने बात की। 

आरक्षी अमरनाथ मिश्र ने बताया कि साइबर क्राइम से बचने के लिए खुद की सावधानी बहुत जरूरी है। कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो काफी हद तक साइबर अपराधियों से बचा जा सकता है। बताया कि हैकर आपके कम्प्यूटर व मोबाइल में लिंक के मदद से एक्सेस ले लेते हैं, जिसके बाद आपके अकाउंट उनके कब्जे में आ जाते हैं। ऐसे में किसी भी ऐसे लिंक को टच नहीं करना चाहिए, जिसके बारे में आपको पूरी जानकारी न हो। याद रखें, किसी भी हालत में अपनी गोपनीय जानकारी कभी सोशल मीडिया पर शेयर न करें। अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, अकाउंट नंबर, OTP, इंटरनेट बैंकिंग आईडी-पासवर्ड किसी को भी न बताएं। इस पर पुलिस द्वारा लोगों को समय-समय पर आगाह भी किया जाता है।

आरक्षी अमरनाथ मिश्र ने बताया कि यदि आपके साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हुई है तो आप हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुंरत कॉल कर सकते हैं। यह टोल फ्री नंबर है। यहां आपको तुरंत सहायता दी जाएगी। यही नहीं, साइबर क्राइम के खिलाफ केंद्र सरकार ने ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने वाले लोगों के लिए वेबसाइट (https://www.cybercrime.gov.in/) सक्रिय की है। यहां भी पीड़ितों की पूरी मदद की जाती है। साइबर अपराध से सम्बन्धित शिकायत होने पर 1930 टोल फ्री पर कॉल करें। साथ ही https://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराये।

Post a Comment

0 Comments