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अनपढ़ मां का सपना था बच्चों को बनाऊंगी अफसर, दो बेटे एक साथ बने IAS

नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2021 का रिजल्ट राजस्थान के नागौर जिले के भांवता गांव में जश्न का माहौल लेकर आया। यहां के दो भाइयों ने एक साथ सफलता के झंडे गाड़े हैं। दोनों की कामयाबी से गांव में खुशी का माहौल है। दोनों भाई पहले से डॉक्टर हैं।

भांवता गांव के डॉ. कृष्णकांत कनवाड़िया और उनके छोटे भाई डॉ. राहुल कनवाड़िया ने सिविल सेवा परीक्षा में 382वीं तथा 536वीं रैंक प्राप्त की है। कृष्णकांत ने चौथे और राहुल ने दूसरे अटेम्प्ट में इस एग्जाम को क्लियर किया है। इनके पिता हीरालाल कनवाड़िया नागौर के इंदोखा गांव के सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य हैं। इन दोनों भाइयों की सफलता की कहानी में इनके माता-पिता का भी संघर्ष छिपा है।

दोनों भाइयों के आईएएस बनने की खबर मिलते ही गांव में खुशी का माहौल हो गया है। पिता हीरालाल कनवाड़िया ने बताया कि दोनों बेटों की प्राथमिक शिक्षा गांव में ही हुई है। दोनों भाइयों ने यूपीएससी के लिए कॉम्पिटिशन की तैयारी एक साथ की। पहले एमबीबीएस की पढ़ाई कर दोनों डॉक्टर बने। उसके बाद दोनो भाई दिल्ली चले गए और वहां पर सेल्फ पढ़ाई कर यूपीएससी में सफलता प्राप्त की है।

दोनों की माता पार्वती देवी अनपढ़ हैं, लेकिन उन्होंने दोनों बेटा व बेटी को पढ़ाई कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बताया कि शुरू से खुद के अनपढ़ होने की कसक थी, लेकिन सपना था कि बच्चों को अफसर बनाउंगी। पूरा ध्यान रखकर बच्चों को पढ़ाया, जिसका फल मिला है। अब भगवान से प्रार्थना करती हूं कि दोनों बच्चे और बच्ची हर एक व्यक्ति की सेवा करें। अपना कार्य ईमानदारी से कार्य करें। पार्वती देवी ने बताया कि बड़े बेटे कृष्णकांत ने आईएएस बनने का सपना 2015 में देखा था। आज कृष्णकांत के साथ उसके छोटे भाई राहुल ने भी यूपीएससी क्लियर कर लिया है। गौरतलब है कि उनकी बेटी भी पहले से ही डॉक्टर है।

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