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बाधाएं बनी हमराही : अखबार बांटकर रिक्शा चालक का बेटा बना असिस्टेंट लेक्चरर

वाराणसी। लक्ष्य के प्रति जुनून ईमानदार हो तो राह की बाधाएं भी हमराही बनकर सफलता की कदम चूमती हैं। इसे सच साबित कर दिखाया है चोलापुर के जगदीशपुर निवासी रिक्शा चालक बलिराज भारती के बड़े पुत्र संजय कुमार ने। यूपी हायर एजुकेशन ने संजय कुमार का सेलेक्शन हिंदी लेक्चरर के पद पर किया है। अखबार बांटकर पढ़ाई करने वाले संजय औरों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गये है। संजय की कहानी दिल को छू लेने वाली है।

वाराणसी के चोलापुर में जगदीशपुर एक गांव है। यहां बलिराज रहते हैं। वह कभी मजदूरी करते, तो कभी रिक्शा चलाते थे। समय के साथ उनके शरीर की ताकत भी खत्म होती गई। वह कोई काम करने लायक नहीं थे। आर्थिक संकट चरम पर था। बलिराज के बड़े पुत्र संजय की शुरुआती पढ़ाई गांव के एक प्राइमरी स्कूल से हुई। 12वीं पास होने के बाद घर में पैसे नहीं थे। ऐसे में उनकी पढ़ाई दो साल के लिए रुक गई। इससे संजय काफी परेशान रहने लगे, लेकिन संजय ने हिम्मत नहीं हारी। अखबार बांटकर काशी हिदू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एमए व एमफिल किया। इस मुकाम पर पहुंचकर संजय  काफी पॉजिटिव फील कर रहे है। संजय का कहना है कि वह चुनौतियों से कभी भागे नहीं। बोले, मेरे लिए यह एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। मैं अभी आगे और कुछ करना चाहता हूं। वहीं संजय के सेलेक्शन पर मां जड़वती देवी, पिता बलिराज और छोटे भाई की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उनका कहना था कि बेटे ने वह कर दिखाया, जो हमने सपने में नहीं सोचा था। 

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