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बलिया में ट्रिपल मर्डर : एक-एक कर मिला एक ही परिवार का खून से लथपथ तीन शव, दहशत में पूरा गांव


एके भारद्वाज 
हल्दी, बलिया। हल्दी थाना क्षेत्र के सोनवानी उत्तर टोला निवासी एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या से इलाके में हड़कम्प मच गया। दो भाईयों का खून से लथपथ शव कुंए से बरामद हुआ, जबकि उनके पिता का शव घर के एक कमरे में खून से लथपथ मिला। घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी आजमगढ़ अखिलेश कुमार, पुलिस अधीक्षक राज करन नैय्यर, एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी व सीओ बैरिया अशोक कुमार मिश्र भारी पुलिस बल व फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच कर जांच-पड़ताल में जुट गये। हत्याकांड के खुलासे को दो टीमें गठित की गई है। तीन लोगों की हत्या क्यों और किसने की ? इसका पता नहीं चल पाया है। फोरेंसिक टीम व पुलिस मामले की जांच कर रही है। 


बता दें कि मंगलवार की सुबह हल्दी थाना क्षेत्र के सोनवानी में शौच के लिए निकले लोग रास्ते में खून के धब्बे देख गांव के बाहर बागीचे में पहुंचे। वहां स्थित कुएं पर भी खून के धब्बे पड़े हुए थे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस पहुंचकर पड़ताल की। पुलिस ने सीमेंट की पटिया से ढके कुएं को खुलवाया तो उसमे सुखी जलकुम्भी दिखी। शक के आधार पर जलकुम्भी को बाहर निकाला गया तो अंदर शव पड़ा था। ग्रामीणों के सहयोग से शव को बाहर निकाला गया, जिसकी शिनाख्त गांव निवासी विक्रम सिंह (28) के रूप में हुई। खून से लथपथ शव को कब्जे में लेकर पुलिस जांच में जुटी थी, तभी विक्रम सिंह के पिता उमाशंकर सिंह (60) का शव उनके घर में ही पड़ा मिला। बाप-बेटे का शव कब्जे में लेकर पुलिस तफ्सीश में जुट गई। 


इस बीच, कुंए से लगभग 250 मीटर दूर खून का धब्बा देख पुलिस का माथा ठनका। पुलिस बारीकी से पड़ताल की तो उसी कुंए में विक्रम के बड़े भाई संदीप कुमार सिंह (32) का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। तीहरे हत्याकांड से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर हल्दी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, दुबहर थानाध्यक्ष, अतुल कुमार मिश्र, हल्दी थाने के उपनिरीक्षक शैलेन्द्र पाण्डेय, उपनिरीक्षक राधेश्याम सरोज स्थित कई थानों की पुलिस फोर्स उपस्थित रही।

पहले पुत्र, फिर पिता, उसके बाद मिला दूसरे पुत्र का शव

हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने की काफी कोशिश की थी। कुंए में फेंके शव को छिपाने के लिए ऊपर सूखी जलकुंभी डाली गई थी। वही, खेत मे खून के धब्बों के फावड़े या कुदाल से मिटाने की कोशिश की गई थी। विक्रम की पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी तो घर पर किसी के नहीं होने की जानकारी हुई। पुलिस मृतक के घर पहुंची तो एक कमरे में खून बिखरा हुआ था। अंदर कोई नहीं था। फोरेंसिक टीम ने दूसरे कमरे को खोला तो उमाशंकर सिंह (60) पुत्र स्व. रामचंद्र सिंह का शव पड़ा हुआ था। वहीं, कुंए से कुछ दूर खून के धब्बे को देख पुलिस गंभीर हुई। फिर संदीप सिंह (32) का शव बरामद हो सका।

तीन भाइयों में सबसे छोटा था विक्रम

विक्रम सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। सबसे बड़ा भाई दिलीप सिंह वर्षों पहले बाहर चला गया था। शादी कर वहीं बस गया था। घर पर विक्रम, उससे बड़ा भाई संदीप सिंह और पिता उमाशंकर सिंह रहते थे। गांव के लोगों का कहना था कि उमाशंकर सिंह घर बनवा रहे थे।चार-पांच दिन पहले दिलीप सिंह घर आया था। उन लोगों के बीच में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दिलीप सिंह चला गया था। वहीं, घटना के बाद से संदीप सिंह का भी कहीं अता-पता नहीं था। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही थी, तब तक उसका भी शव मिल गया।

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