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हिंदी पत्रकारिता दिवस पर ग्रापए का भव्य कार्यक्रम : बलिया सांसद बोले- पत्रकारिता के समक्ष बाजारवाद सबसे बड़ी चुनौती

बलिया। हिंदी पत्रकारिता दिवस पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में सोमवार को टाउन हाल के सभागार में आयोजित समारोह में वर्तमान परिवेश में हिंदी पत्रकारिता व चुनौतियां विषयक गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी, जिला संयोजक हरिनारायण उर्फ रणजीत मिश्रा व विशिष्ट अतिथि आदर्श नगर पालिका रसड़ा के कार्यवाहक अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सोनी ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर माल्यर्पण करने के पश्चात दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों, पत्रकारों को अंगवस्त्र, माल्यर्पण, स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। 

मुख्य अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती बाजारवाद है, जिसके खिलाफ पत्रकारों को लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि सत्य और संकल्प की नींव पर पत्रकरिता की इमारत टिकी है। इसमें हिन्दी पत्रकारिता खरा उतरती है। पत्रकारिता लोकतंत्र को संतुलित करने का सबसे अच्छा माध्यम है। इसका अतीत बहुत ही श्रेष्ठ है। कहा कि वर्तमान में हिन्दी पत्रकारिता ने नई चुनौतियों को स्वीकार किया है। हम दुनिया को परिवार मानते हैं। इसलिए हिन्दी पत्रकार बाजारवाद के दौर में अपने को सशक्त बनाएं। बाजारवाद के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई। आह्वान किया कि पत्रकारों को अपने लोकभाषा को नहीं छोड़ना चाहिए। सांसद वीरेन्द्र सिंह ने पत्रकार भवन के लिए सांसद निधि से धनराशि देने की घोषणा की। 

विशिष्ट अतिथि जन नायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की परंपरा को जीवित रखने के लिए पत्रकारों को ईमानदारी से प्रयास करने होंगे। कोरोना काल में चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों ने अपने को सिद्ध भी किया। लोगों को इस महामारी से बचाने के लिए अपने को झोंक दिया था। जब भी समाज को जरूरत पड़े इसे जारी रखना चाहिए। कहा कि पत्रकारों को हमेशा नवीनता, जनरुचि, निकटता के सिद्धांतों पर चलना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों का आह्वान किया कि बलिया की पहचान के लिए पूरी तन्मयता से लिखना चाहिए। यहां सांस्कृतिक विकास और पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, इसे पत्रकार बंधु अपनी लेखनी में शामिल करें। 

विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से ही समाज का भला हो सकता है। यदि पत्रकारिता नहीं होती तो शायद मैं भी आपके बीच एक लोकसेवक के रूप में नहीं होता। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की चुनौतियों में हम सभी को साथ देना चाहिए। मैं हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा। 

अध्यक्षीय सम्बोधन में प्रदेश अध्यक्ष ग्रापए सौरभ कुमार ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के विकास में हमारे संगठन का काफी योगदान रहा है, जो बाजारीकरण के बाद भी संगठन की एकता के बल पर निर्भीक पत्रकारिता को हमेशा ताकत देता रहा है। नतीजा है कि संरक्षा व संगठन के बल पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन प्रदेश के 75 जनपदों में सबसे अधिक संख्या वाले संगठन के रूप में अपना कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। 

ग्रामीण पत्रकार एसोशिएशन के जिलाध्यक्ष शशिकांत मिश्र ने स्वागत भाषण किया।इस अवसर पर भोला प्रसाद आग्नेय, जितेंद्र सिंह, वंश बहादुर सिंह, डॉ सिद्धार्थ मणि दुबे,परम हंस सिंह, मनोज कुमार सिंह, सुशील पाण्डेय कान्ह जी, अवध बिहारी चौबे, ब्लाक प्रमुख कन्हैया सिंह, शिव कुमार कौशिकेय, मनोज सिंह, शमीम अंसारी, डा. अखिलेश राय, मंजय सिंह, रजनीकांत सिंह, संदीप सौरभ, अजीत ओझा, अरविंद गांधी, श्याम प्रकाश आदि थे। धन्यवाद जिला संरक्षक ओंकारनाथ सिंह ने ज्ञापित किया। संचालन जिला संयोजक हरिनारायण मिश्रा रणजीत ने किया। स्वागत गीत लोक कलाकार परमहंस सिंह ने प्रस्तुत किया। 

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