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बलिया : प्रणाम दिवस के रूप में मनी गुदई महाराज की पुण्यतिथि, सरस्वती पुत्रों ने कुछ यूं दी श्रद्धाजंलि

बलिया। तबला सम्राट पद्म भूषण स्मृतिशेष पं. सामता प्रसाद मिश्र (गुदई महाराज) की 28वीं पुण्यतिथि पं केपी मिश्र मेमोरियल संगीत विद्यालय, रामपुर के प्रांगण में प्रणाम दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर संगीत गोष्ठी का भी आयोजन हुआ।

गुदई महाराज जी के परनाती आकाश मिश्र ने तबले पर स्वतंत्र वादन प्रस्तुत कर महाराज जी के प्रति श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। वहीं दूसरे परनाती शिवम मिश्र ने शास्त्रीय संगीत की शानदार प्रस्तुति दी। तबले के विद्यार्थी अक्षत पाण्डेय, देवांश ओझा, शताक्ष पांडेय एवं आराध्या पाल ने तबले पर ताल-यात्रा प्रस्तुत किया। तत्पश्चात पूजा, अदिति, जिया, वंशिका, लक्ष्मी, सत्यम, विनय, अनंत, विपुल, राहुल, हिमांशु, सोनू ने अपनी-अपनी प्रस्तुति के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित किया। 

इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे डॉ अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि गुदई महाराज जी ने तबला वादन को एक नई ऊंचाई दी है। साहित्यकार डॉ भोला प्रसाद आग्नेय ने कहा कि गुदई महाराज तबला वादक के साथ-साथ एक संघर्ष के पर्याय थे। उनका जीवन बचपन से ही संघर्षमय रहा। बावजूद इसके वह कभी पीछे मुड़कर नहीं देखे और अपने सतत अभ्यास से तबला वादन में एक मुकाम हासिल करते हुए पद्म भूषण एवं पद्मश्री जैसी उच्च उपाधियां प्राप्त किए। 

रसड़ा के रामकृष्ण तिवारी को तबला वादन को एक नया आयाम देने के परिप्रेक्ष्य में सम्मान-पत्र, अंग वस्त्रम, आदि देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सोनी तिवारी, संतोष पाण्डेय, अजीत पाण्डेय, शशिकांत ओझा, प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विजय श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। पं. राजकुमार मिश्र ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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