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बलिया में संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा ने भरी हुंकार, साथी पत्रकारों की रिहाई को कलेक्ट्रेट में दिखाई ताकत

बलिया। इंटर अंग्रेजी के पेपर लीक मामले में 3 पत्रकारों अजित ओझा, दिग्विजय और मनोज कुमार गुप्त की गिरफ्तारी का मामला अब बहुत तूल पकड़ने लगा है। सोमवार को बापू भवन टाउन हॉल में पत्रकारों ने न सिर्फ हुंकार भरी, बल्कि कलेक्ट्रेट पहुंच कर गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई के लिये आवाज भी बुलंद की। जनपद के सभी पत्रकार संगठनों द्वारा गठित संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित धरना प्रदर्शन के बाद पत्रकारों ने महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपकर गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई के साथ ही इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।


कलेक्ट्रेट में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मधुसूदन सिंह ने कहा कि पत्रकारों ने आज जिला प्रशासन के खिलाफ आरपार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। यह आंदोलन उसी पवित्र क्रांतिकारी मैदान से निकला है, जहां से 1942 में निकले आंदोलन ने जिलाधिकारी को कुर्सी से हटाकर बलिया को आजाद कर लिया था। पत्रकारों पर दमनात्मक कार्यवाही करके प्रशासन की कमियां उजागर न हो, के लिये जिलाधिकारी द्वारा जो दबाव बनाया जा रहा है, वह उल्टा पड़ेगा। जब तक हमारे तीनों पत्रकार साथी को बाइज्जत बरी नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।

श्रमजीवी पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप कुमार हेमकर ने जिला प्रशासन पर ही केंद्र निर्धारण में डेढ़ से दो लाख रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगा दिया है। कहा कि परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में अवैध वसूली की गयी है, जिसके कारण वित्त विहीन विद्यालयों को संसाधन विहीन होते हुए भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। प्रशासनिक कार्यवाही को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सिर्फ प्रबंधकों और अध्यापकों, पत्रकारों को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा तो सहायक केंद्र व्यवस्थापक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है। इसके निर्धारण में जो भी अधिकारी शामिल है, उनके संपत्ति की जांच की जाय। 

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शशिकांत मिश्र ने कहा कि खबर छापने के लिये पत्रकारों को जेल भेजना लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की आवाज को जबरिया दबाने का प्रयास है, जिसको बलिया के पत्रकार बर्दाश्त नहीं करेंगे।अमर उजाला के ब्यूरोचीफ संदीप सिंह ने कहा कि खबर पेपर में छपने के बाद जिलाधिकारी द्वारा अजित ओझा से साजिशन वायरल पेपर को अपने व्हाट्सएप पर मंगाकर मुकदमा कायम करना मीडिया की आवाज को बंद करने वाला कृत्य है। खबर छापने पर पत्रकार की गिरफ्तारी को किसी भी सूरत में ठीक नहीं कहा जा सकता है। गिरफ्तार तीनों साथियों की अविलम्ब रिहाई होनी चाहिये। 

दैनिक जागरण के लवकुश सिंह ने कहा कि बैरिया क्षेत्र में प्रशासन की शह पर बालू का अवैध कारोबार फल फूल रहा है। शराब की तस्करी हो रही है। इसको रोकने के लिये जिलाधिकारी  के पास समय नहीं है, लेकिन परीक्षा में हो रहे नकल को अगर कोई पत्रकार उजागर कर रहा है तो उसको तमाम संगीन धाराओं में पाबंद करके जेल भेजा जा रहा है। सभा को संबोधित अखिलानंद तिवारी, रणजीत सिंह जिलाध्यक्ष पत्रकार वेलफेयर सोसायटी बलिया, मधुसूदन सिंह, शैलेश सिंह, सुधीर सिंह, मनोज, भारत एकता टाइम्स के दिनेश गुप्ता, रवि सिन्हा, मनोज चतुर्वेदी, अजय भारती, अखिलेश कुमार, नीरज सिंह, पिंटू सिंह, मनोज तिवारी, संजय पांडेय, रमाकांत सिंह, जनार्दन सिंह, नरेंद्र मिश्र, सर्वेन्द्र सिंह, श्रवण पांडेय, संजीव कुमार बाबा, राम प्रताप तिवारी, शशिकांत ओझा, अमर नाथ चौरसिया, कंचन सिंह,करुणासिन्धु सिंह,अनिल अकेला,मुकेश मिश्र, मतलूब अहमद, संजय तिवारी, शशिकुमार, संतोष सिंह, शकील अहमद, नवल जी, ओम प्रकाश राय, संतोष उपाध्याय, विनोद शर्मा आदि ने संबोधित किया। इसके साथ ही धरना प्रदर्शन को जनपद के कोने कोने से आये हुए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया के पत्रकारों ने अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

प्रदर्शन करने वाले अन्य प्रमुख साथियों में अजीत पाठक, विजय कुमार गुप्ता, पवन यादव, रमेश जायसवाल, रत्नेश सिंह, अजय तिवारी, हरेराम यादव, टूनटून तिवारी, रवीन्द्र मिश्र, आतीश तिवारी, चंद्रप्रकाश गुप्ता, आसिफ जैदी, अखिलेश सैनी, शिवानंद वागले, पिंटू सिंह, मुशीर भाई, ओमप्रकाश राय, शंकर सिंह, श्याम जी, दिनेश यादव, मोमशाद अहमद, जमाल अहमद, विवेक जायसवाल, सनंदन उपाध्याय, विक्की, विवेक पटेल, राजेश गुप्ता महाजन, अजय तिवारी, सुरेश जायसवाल, कृष्णा शर्मा, सीताराम शर्मा, कमल सिंह यादव, विनोद शर्मा, मनीष खरवार आदि शामिल रहे। अध्यक्षता शशिकांत मिश्र और संचालन हरिनारायण मिश्र तथा आभार संयोजक करुणासिन्धु सिंह ने किया।

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