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बलिया : प्रधानाध्यापक के फेयरवेल पर रो पड़े सभी स्टूडेंट्स, इमोशनल हुआ सरकारी स्कूल का नजारा

बलिया। शिक्षक का जीवन एक तपस्या है। स्कूल में शिक्षक जिस तरह से पढ़ाते हैं, उसका छात्रों पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में शिक्षक रिटायर हो रहे होते हैं तो उनके फेयरवेल पर छात्रों के साथ-साथ अन्य टीचर भी इमोशनल हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही भावुक नजारा गुरुवार को शिक्षा क्षेत्र बेलहरी के कम्पोजिट विद्यालय हल्दी पर दिखा। 

सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक प्रेमशंकर सिंह के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह को सम्बोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी लालजी शर्मा ने कहा कि शिक्षक सेवानिवृत्त होने के बावजूद समाज में शिक्षा की अलख जगाते रहते हैं। प्रधानाध्यापक को आदर्श, कर्तव्यनिष्ठ, नियमित और प्रेरणा का स्त्रोत बताया। कहा कि शिक्षक के हर गुण इनमें कूट-कूट कर भरे हुए हैं।ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव ने कहा कि ये बोलने में नहीं, काम में विश्वास रखने वाले शिक्षकों में से एक है। सभी को एक सूत्र में लेकर चलने की क्षमता अद्भूत है। 

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अजय मिश्र ने कहा कि सेवा के साथ ही सेवानिवृत्त की तिथि तय हो जाती है। शिक्षिका कमला सिंह ने कहा कि 'सोचिए कम, कीजिएं ज्यादा' का मंत्र इनसे सीखने को मिला। प्रधानपति धनंजय कुंवर ने कहा कि शिक्षक मार्गदर्शक होते हैं। सेवानिवृति के बाद भी उनकी जिम्मेदारियां कम नहीं होती है। अध्यक्षीय सम्बोधन में पूर्व ब्लाक अध्यक्ष अजेय किशोर सिंह ने विद्यालय में कार्य करने वाले सभी शिक्षकों के कार्यों की सराहना की। कहा कि जिस तरह इन्होंने अपने लगातार 26 वर्षों के मेहनत के बाद शिक्षा में गुणात्मक सुधार करने का काम किया है, वही काम उनके सेवानिवृत्ति के बाद भी अन्य शिक्षकों  द्वारा किया जाना चाहिए। 

समारोह को मिथिलेश सिंह, विद्यासागर दूबे, शशिकांत ओझा, डॉ. निर्मला गुप्ता, नीतू उपाध्याय, अनिता गुप्ता इत्यादि ने सम्बोधित किया। अपने संबोधन के दौरान नीतू उपाध्याय काफी भावुक हो गईं, जिससे हर किसी की आंखें डबडबा गई। इस मौके पर प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार उपाध्याय, अमित कुमार ‌‌ वर्मा, स्नेह लता, अनिता कुमारी, सुमन देवी, जहीर, ओम प्रकाश, शान्ति, देवी, रूखसाना खातुन, रश्मि पाण्डेय समेत पूरा स्कूल स्टाफ तथा ब्लाक के शिक्षक मौजूद रहे।

भींग गया हर किसी की आंखों का कोर 

किसी भी सरकारी सेवक का विभागीय नियमों का अनुपालन करते हुए अपनी छवि को बेदाग रख सेवानिवृत हो जाना बड़े ही सौभाग्य की बात है। यह बात  कम्पोजिट विद्यालय हल्दी के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक प्रेमशंकर सिंह पर अक्षरशः सच साबित होती है। 

मूल रुप से दुबहर थाना क्षेत्र के कछुआ रामपुर निवासी प्रेमशंकर सिंह ने बतौर सहायक अध्यापक 01 अगस्त 1996 को इसी विद्यालय सेवा शुरू किया। 5 दिसम्बर 2006 को प्रमोशन के साथ इसी विद्यालय पर प्रधानाध्यापक बने। एक ही स्कूल पर 26 साल 8 माह की सेवा कर रिटायर हो रहे प्रेमशंकर सिंह का कार्यकाल सकारात्मक और सराहनीय रहा। इतने वर्षों बाद उनकी विदाई विद्यालय से हुई तो हर किसी की आंखों का कोर भींग गया। 

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