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बलिया की बहुप्रतीक्षित निःशुल्क प्रशासनिक सेवा कोचिंग शुरू, नियमित कक्षाएं प्रारम्भ


बलिया। कुंवर सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलिया में आयोग से चयनित प्राचार्य डॉ. अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य आतिथ्य में निःशुल्क प्रशासनिक सेवा कोचिंग का उद्घाटन सम्पन्न हुआ। इसके साथ ही नियमित कक्षाएं प्रारम्भ हो गयी। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर अतिथियों ने भावी पीढ़ी को अपने विचारों से समृद्ध किया। महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया। 

बता दें कि

जनपद की बहुप्रतीक्षित निःशुल्क प्रशासनिक सेवा कोचिंग में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन 21 दिसम्बर 2021 को हुआ था, जिसका परिणाम 26 जनवरी 2022 को घोषित कर दिया गया था। इसमें कुल 95 छात्र-छात्राओं को चयनित किया गया। वैश्विक महामारी के कारण शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप इसकी शुरूआत की गयी। यह कोचिंग प्रशासनिक सेवा (आईएएस/पीसीएस, यूजीसी नेट/जे आरएफ, असिस्टेंट प्रोफेसर, पीजीटी/टीजीटी, बीएड, यूपी(टेट/सुपर टेंट/सीटेट) सहित समस्त परीक्षाओं की तैयारी में मील का पत्थर साबित होगी।


बोले टॉपर

कोचिंग के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में प्रथम स्थान पर चयनित प्रतिभागी छात्र विनय पटेल ने कहा कि यह मंच हमारे लिए बहुत सारी संभावनाओं के साथ लाभदायक होगा। मुख्यतः यह छात्राओं के लिए यह बहुत विशेष है, क्योंकि जो जनपद से बाहर नहीं जा सकती उनके लिए यह सुगम है। तृतीय स्थान पर चयनित रानी यादव ने भी अपने गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

बोले प्राध्यापक

महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों व नव चयनित प्राध्यापकों ने इसके लक्ष्य एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्द्धन किया। बताया कि चयनित छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करायी जायेगी एवं उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए समय-समय पर कैरियर संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी करते हुए विशेष व्याख्यान भी आयोजित किये जायेंगे। इस इस विशेष कक्षा में समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं की नियमित तैयारी करायी जायेगी। इस समारोह में डॉ रामकृष्ण उपाध्याय एवं डॉ अशोक कुमार सिंह, डॉ संजय ने आशीर्वाद स्वरूप अपने वक्तव्य से लाभान्वित किया। 


असिस्टेंट प्रोफेसर, इतिहास विभाग सुरेंद्र कुमार का कहना था कि यह कोचिंग कई मायनों में विशेष है। यह मैं दावा कर सकता हूँ कि हम लोग अपना सर्वस्व प्रदान करेंगे। यदि छात्र हमारा सहयोग करेंगे तो निश्चित सफलता की गारंटी है।

डॉ. हरिशंकर सिंह ने उस समय का स्मरण कराया, जब बलिया जीआईसी का स्थान इलाहाबाद के बाद दूसरा था। उस समय बलिया में रहते हुए दो लोग आईएएस की परीक्षा में पूरे भारत में दसवें स्थान पर रहें। उनका कहना था कि बलिया की ऊर्जाओं का सदुपयोग करके ही लक्ष्य प्राप्ति सम्भव है।

डॉ. अमित कुमार सिंह ने इतिहास के मजबूत स्तम्भ के रूप में व्यक्त विचारों द्वारा नयी अजस्र धारा प्रवाहित की।

संरक्षक एवं प्राचार्य प्रो.अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि यह जनपद के लिए विशेष प्रयोग है। इसका लाभ छात्रों को मिलेगा। इसकी पृष्ठभूमि एवं कार्ययोजना की विस्तृत चर्चा करते हुए अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि यह हमारे लिए बहुत सौभाग्य का विषय है कि हमारा महाविद्यालय राज्य एवं देश की समस्त परीक्षाओं के लिए बौद्धिक संसाधनों के स्तर पर बहुत धनी है। अक्सर यह देखा जाता है कि किसी भी कोचिंग को केवल एक दो शिक्षक ही बेहतर मिल पाते हैं। जबकि हमारे यहां एक-एक विषय के चार-चार, पाँच-पाँच उच्च कोटि के बेहतरीन प्राध्यापक हैं। इस मामले में आप बहुत आगे हैं।

समन्वयक डॉ. मनजीत सिंह ने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए कहा कि आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए हम सभी मिलकर अपना सौ प्रतिशत देंगे, ताकि हमारे छात्र अपने लक्ष्य तक पहुँच जाय और प्रतिभाशाली छात्रों को जनपद से पलायन रोका जा सके। अंत मे आभार रामावतार उपाध्याय ने प्रस्तुत किया। 

इनकी रही मौजूदगी

इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य डॉ अशोक कुमार सिंह, डॉ सत्य प्रकाश सिंह, डॉ अशोक सिंह, डॉ संजय, डॉ दिव्या मिश्रा, डॉ अवनीश जगन्नाथ, डॉ शैलेश पाण्डेय, डॉ संतोष सिंह, डॉ सुजित कुमार, योगेंद्र अनिल कुमार गुप्ता, डॉ. अमित कुमार सिंह, विमल कुमार यादव, पुनिल कुमार, आशीष कुमार, विकास कुमार, बब्बन, रजिंदर सहित समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारियों की उपस्थिति रही।

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