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बलिया : 'महा स्वर्ण प्राशन' बच्चों के लिए वरदान, उन्हें बनाता है बलवान और बुद्धिमान


बलिया। शहर से सटे हनुमानगंज स्थित महादेव पैलेस पर 18 जनवरी को महा स्वर्ण प्राशन संस्कार का आयोजन किया गया। महा स्वर्ण प्राशन शास्त्रोक्त विधि से अयोध्या निवासी नाड़ी रोग विशेषज्ञ वैद्य श्री आचार्य डॉक्टर आरपी पांडे जी के सानिध्य में उन्हीं द्वारा निर्मित स्वर्ण भस्म मधु व ब्राम्ही आदि बूटियों से शास्त्रोक्त विधि से बनी औषधि से किया गया। उसके 30 मिनट के उपरान्त बच्चों को  केशर युक्त खीर खिलाया गया। 


अनंत शिखर ट्रस्ट अयोध्या के संस्थापक आचार्य डॉक्टर आरपी पांडे ने कहा कि स्वर्ण प्राशन से शिशु की मेधा अग्नि बुद्धि बल तथा आयु की वृद्धि होती है। उसको बार-बार होने वाली खांसी जुखाम व मौसमी बीमारी से बचाव होता है। पाचन शक्ति में वृद्धि होने से उसकी भूख बढ़ती है, जिससे उसका वजन तथा लंबाई में वृद्धि होती है। मंगल कर्ता पुष्य नक्षत्र में इसके सेवन से कई गुना लाभ बढ़ जाता है। 


कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि ज्योतिषाचार्य विनोद कुमार उपाध्याय ने महा स्वर्ण प्राशन संस्कार से जुड़ी तमाम बातें बताई। कहा कि स्वर्ण प्राशन (Suvarnaprashan) संस्कार सनातन धर्म के 16 संस्कारों में से एक संस्कार है, जो बच्चे के जन्म से लेकर 16 वर्ष की आयु तक कराया जाता है। स्वर्ण प्राशन संस्कार आयुर्वेद चिकित्सा की वह धरोहर है, जो बच्चों में होने वाली मौसमी बीमरियों से रक्षा करता है। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य में स्वर्णप्राशन बहुत अच्छी भूमिका निभाता है। इस मौके पर रजनीकांत सिंह, शशी दुबे, उत्कर्ष सिंह, करन सरावगी, रामेश्वर यादव प्रधान, मुरलीधर यादव प्रधान, अशोक यादव, मोहनीश गुप्ता, पूर्व प्रधान रेनू पांडेय, पत्रकार भोला, अनिल अकेला, डॉ. मनीष कुमार सिंह, नितेश सिंह, मोजूद रहे।

वैद्य ने दी बवासीर की नि:शुल्क दवा

नाड़ी रोग विशेषज्ञ आचार्य डॉक्टर आरपी पांडेय ने 50 से अधिक लोगों का नाड़ी देख उनके रोग को ना सिर्फ पहचाना, बल्कि उनको दवा भी दिया।कहा कि इन दवाओं से वो 100% ठीक हो जाएंगे। वैद्य जी ने बवासीर की दवा नि:शुल्क दी। मरीजों की नाड़ी परीक्षण के बाद दवा लिखी गई। बताया कि भगवान भृगु ऋषि की इस पावन नगरी में बहुत अच्छा अनुभव प्राप्त हुआ यहां के लोगों का हृदय की गहराइयों से खूब प्रशंसा किया। 

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