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शीतावकाश में बलिया की शिक्षिका ने बुना शब्दों का जाल 'थामकर अपने हाथों में मेरा हाथ...'

अप्रत्याशिता: उम्मीद से परे

सज रही ये डोली, कुछ खास होने वाला है।
ये चांदनी रात, ये शहनाईयों की गूंज
सुर्ख सुहाग के चुड़े, कुछ कह रहे बुझे मन से...
आज... इक बेटी जिन्दा लाश हाेने वाली है।
समझ न आए रोऊं या खुशियां मनाऊं ?
हाय! मन की व्यथा अब किसको सुनाऊं?

ताकती रही क्षितिज को, कभी धरा-कभी अम्बर के इस मिलन को...
कभी देखती सुहाग का जोड़ा, कभी मन विह्वल को...
क्या मेरा भी अस्तित्व अब खाक होने वाला है?
हे विधाता ! क्या मेरा भी सपना अब राख होने वाला है ?
रही स्वछंद विचारों से, बाबा ने भरा घर मेरे लिए उपहारों से...
इन्हीं उपहारों के उत्कोच से मेरा प्रणय होने वाला है...
कौन जाने उस पिता ने क्या बचाया, जो उन्हें अपनी बेटी देने वाला है। 

सिसक रही है अब शहनाईयां, पूछ रही है मुझसे...
क्या तुम अब जा रही हो ? जरा सोचों...
ना जी पाई यहां सुकूं से, बड़ी जल्दी मरने जा रही हो ?
कुछ सुबकियां... कुछ सिसकियां... कुछ आंसू लेकर...
मैं नये घर जा रही थी...
अपनी जिंदगी को बस अपने पियां को सौंपे जा रही थी...।
कुछ दृश्य वहां का ऐसा है।
मानों जेठ नहीं, मेरा भैया है।

सहमी हुई फिर भी मैं घूंघट में अनवरत आंसू बहाये जा रही थी...
बेटी! सदा खुश रहना, तू हर खुशियों की अधिकारी है...
बिटियां जब से विदा हुई, हम सबने तेरी राह निहारी है। 
अब मानों मुझमें सांसें आ रही है। 

कह लूं आपको 'बाबा' ऐसी भावना आ रही है। 
जैसे मेरी पायलों की छनक चौखट की ओर बढ़ें
वहां सामने नई मां मुस्कुरा रही है। 
थामकर अपने हाथों में मेरा हाथ, पिया मेरे मुझे समझा रहे है। 
पगली ! तुम मेरी अर्द्धांगिनी, तुम मेरी प्राणाधार हो।
इस जीवनरूपी नैया की तुम ही पूरी हकदार हो।
अपना लेना इस मेरे छोटे से संसार को,
मां-बाबूजी की प्यारी बिटियां बनना
खूब पाना उनके दुलार को।
बनना मेरी गृहलक्ष्मी, अपने सपनों को नई उड़ान देना। 
कह सकूं मन के व्यथा प्रेम, बस इतना सा मुझकों मान देना। 

हे विधाता ! ऐसे कौन से पुण्य का वरदान दे दिया?
बिन मांगें ही जीवन का अमूल्य उपहार दे दिया।
काश ! हर बेटी के भाग्य में 'पिता' जैसा 'श्वसुर'
और 'मां' जैसी 'सास' हो...
बनकर जी सकेगी लाडली, फिर किसी भी बेटी के हिस्से में ना 'वनवास' हो। 

प्रीती पांडेय 'प्रीत'
प्रावि रामगढ़, शिक्षा क्षेत्र बैरिया, बलिया

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1 Comments

  1. बहुत खूब लिखा है आपने..🙏🙏

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