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बलिया : प्री प्राइमरी स्कूल में प्रवेश लेने वाले बच्चों के भविष्य निर्माण को SDM और BSA ने दिलाई शपथ

बलिया। 'हमारा आंगन हमारे बच्चे' उत्सव का आयोजन नगर संसाधन केंद्र स्थित कन्या जूनियर हाई स्कूल चौक के प्रांगण में सोमवार को किया गया। उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी सदर जुनैद अहमद तथा विशिष्ट अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिव नारायण सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए नगर शिक्षा क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी बंशीधर श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि तथा उपस्थित समस्त शिक्षक, अनुदेशक, शिक्षामित्र एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा को विस्तार से बताया। 

मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी सदर जुनैद अहमद ने शिक्षा व प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए दोनों को एक दूसरे का पर्याय बताया। आह्वान किया कि प्री प्राइमरी में नामांकित होने वाले बच्चे को भाषा व गणित की शिक्षा के आधारभूत तत्वों से जोड़ते हुए उनका नैसर्गिक विकास किया जाना श्रेयस्कर होगा। विशिष्ट अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिव नारायण सिंह ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का आह्वान किया कि आप कभी-कभी अपने बच्चों को लेकर कक्षा 1 व 2 में पढ़ने वाले बच्चों के साथ मेल मुलाकात कराएं। इससे सौहार्दपूर्ण वातावरण का विकास किया जा सकेगा। बच्चे आपस में मिलकर एक दूसरे से जुड़ सकेंगे। सीख सकेंगे। हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम की थीम को प्रस्तुत करते हुए अजय सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम जनसमुदाय की सहभागिता पर आधारित है। विद्यालय प्रबंध समिति व अभिभावक मिलकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सहयोग प्रदान करते हैं तो निश्चित रूप से अपेक्षित दक्षताओं को हम प्राप्त कर सकेंगे। संचालन नगर क्षेत्र के एआरपी डॉ शशि भूषण मिश्र ने किया। कार्यक्रम में राज्य संदर्भ दाता समूह के सदस्य संतोष चंद्र तिवारी, प्रमोद चंद तिवारी, राम रतन सिंह यादव, डॉ भावतोष कुमार पांडे, डॉक्टर सुनील कुमार गुप्ता, अरुण कुमार वर्मा, मोहम्मद  वजैर, सरफुद्दीन अंसारी, वंदना जयसवाल, अलका दुबे, मनीषा सिंह, विजया सिंह, रविशंकर प्रसाद, राजेश गुप्ता, अभय आनंद दुबे की उपस्थिति रही। अनिल मिश्र ने सांस्कृतिक प्रस्तुतीकरण से वातावरण को आनंदमई बनाया गया, जिसके लिए उनको विभिन्न शिक्षकों द्वारा पुरस्कृत भी किया गया।

ये है लक्ष्य

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में आधारभूत साक्षरता के प्रथम सोपान के रूप में पूर्व प्राथमिक शिक्षा को चिन्हित किया गया है। बुनियादी साक्षरता एवं प्राथमिक दक्षता प्राप्त करने के लिए प्राथमिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाना लक्षित है। 3 से 8 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित अधिगम प्राप्ति के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निपुण भारत मिशन का 5 जुलाई 2021 को शुभारंभ किया गया तथा राज्य द्वारा पूर्व प्राथमिक शिक्षा एवं बुनियादी शिक्षा के अधिगम स्तर  की सम्प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्ष 2020 से प्रयास किए जा रहे हैं।

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