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गला दबाकर दादी ने की थी हत्या, बाबा भी था साजिश में शामिल


शाहजहांपुर। दो वर्षीय मासूम प्रज्ञा की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। प्रज्ञा की हत्या कोई और नहीं, बल्कि उसकी चचेरी दादी ने गला दबाकर की थी। इस साजिश में प्रज्ञा के बाबा भी शामिल थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय कर दिया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
गौरतलब हो कि तिलहर के ग्वार गांव निवासी धीर सिंह की बेटी प्रज्ञा 29 नवंबर से लापता थी। मामले में उसने अपनी चाची पर तंत्र-मंत्र में हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने न तो सही से पूछताछ की और न ही बच्ची को ढूंढने का प्रयास किया। बीते मंगलवार को बच्ची का शव घर के सामने खंडहर में मिला था। इसके बाद पुलिस ने तेजवती, उसके पति बालिस्टर व धीर सिंह के पिता मुनेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो तेजवती व मुनेंद्र ने पूरा राज उगल दिया। लेकिन इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद न तो तेजवती के चेहरे पर कोई शिकन थी और न ही मुनेंद्र को कोई पश्चाताप। दोनों इतने दिन घर पर आराम से रहे। बच्ची को ढूंढने का दिखावा भी करते रहे। किसी को यह आभास भी नहीं था कि वे दोनों इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
बताया जा रहा है कि मुनेंद्र और बालिस्टर एक ही घर में रहते थे, लेकिन उनका चूल्हा अलग था। घर का हिसाब-किताब प्रज्ञा की मां ऊषा देवी रखती थीं। जेवरात भी उन्हीं के पास रहता था, जबकि तेजवती परिवार से अलग होना चाहती थी। वहीं, उषा ऐसा नहीं होने दे रही थी। कुछ वर्ष पहले तेजवती अपने परिवार को लेकर किराये के मकान में चली गई, लेकिन रिश्तेदार उन्हें घर वापस ले आए। इसके बाद तेजवती ऊषा के खिलाफ षड्यंत्र रचने लगी। उषा को सबक सिखाने के उद्देश्य से ही उसने 29 नवंबर को घर के बाहर खेल रही दो वर्षीय प्रज्ञा को घर के सामने बने खंडहर में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। शाम को जब मुनेंद्र घर आया तो तेजवती ने उसे पूरी बात बता दी। मुनेंद्र ने बोरे में बंद प्रज्ञा के शव को खंडहर में जाकर ईंट-पत्थरों से दबा दिया था।


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