To Learn Online Click here Your Diksha Education Channel...


ads booking by purvanchal24@gmail.com

यूपी विधान सभा में गूंजी पुरानी पेंशन बहाली और शिक्षामित्रों की पीड़ा, बलिया के बसपा विधायक ने उठाया मुद्दा


लखनऊ। यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बसपा नेता व बलिया के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह ने बहुत ही सलीके से पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने, शिक्षा मित्रों के नियमितीकरण, शिक्षा प्रेरकों के बकाये मानदेय का भुगतान तथा रसड़ा चीनी मिल का मुद्दा विधानसभा में उठाया। सदन का ध्यान आकर्षित कराते हुए विधायक ने कहा कि 2004 के बाद नियुक्त शिक्षक-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित कर दी गई है, जो न्यायसंगत नहीं है। फिर भी सरकार कह रही है कि हमने राज्य कर्मचारियों के हित में फैसला लिया है। वहीं,  कर्मचारियों ने कहा है कि नहीं, हमें आपकी जरूरत नहीं है। हमें हमारी पुरानी पेंशन चाहिए। ऐसे में मुझे लगता है कि राज्य सरकार को इस पर विचार कर पुरानी पेंशन बहाल कर देना चाहिए।

बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने नियम 51 का हवाला देते हुए कहा कि मैं एक अत्यन्त ज्वलन्त एवं जनहित के विषय पर सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुये सदन को यह अवगत कराना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्रों की नियुक्ति की गयी थी। 21 वर्षो से यह शिक्षा मित्र लगातार अपनी सेवायें अल्प मानदेय पर देते चले आ रहे हैं। स्कूलों में शिक्षक के समान शिक्षामित्रों से काम लिया जा रहा है, परन्तु आज तक उन्हें उचित मानदेय नहीं दिया जा रहा है। सरकार कह रही है कि उनका 2000 रूपया बढ़ा दिया गया, क्या यह उचित है। मेरे समझ में तो यह शिक्षामित्रों की कर्तव्यनिष्ठा का अपमान है। इस अल्प मानदेय से उनके परिवारों के समक्ष भीषण महंगाई में आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आर्थिक रूप से अत्यन्त दयनीय हालत होने के कारण शिक्षामित्रों के बच्चों की शिक्षा दीक्षा एवं भरण पोषण भी नहीं हो पा रहा है।उन्होंने 21 वर्षों से लगातार कार्यरत शिक्षा मित्रों को स्थायी करते हुए उन्हें उचित वेतनमान उपलब्ध कराये जाने हेतु शासन से कार्यवाही करने की मांग की। 

नियम 301 के अन्तर्गत विधायक ने विधान सभा रसड़ा (बलिया) से होकर गुजरने वाली टोंस नदी के किनारे बने रिंग बंधा का मुद्दा भी उठाया। कहा कि विधान सभा रसड़ा अन्तर्गत बहने वाली टोंस नदी में प्रतिवर्ष बाढ़ के समय कृषकों को भारी तबाही का सामना करना पड़ता है। टोंस नदी में गाजीपुर से जनपद बलिया तक बने रिंग बंधे में दो जगह 500-500 मीटर का गैप छोड़ दिये जाने की वजह से इसी रास्ते बाढ़ का पानी ग्रामसभा सरायभारती, अतरसुवा, मुस्तफाबाद, कोप, खजुहा, बेसवान, तिराहीपुर, प्रधानपुर, फिरोजपुर, कोडरा, मिर्जापुर, लखुआ, जेवनिया आदि गांवों में फैल जाता है। वहीं, रसड़ा चीनी मिल पर सरकार थोड़ा भी ध्यान नहीं दे रही है। 

Post a Comment

0 Comments