To Learn Online Click here Your Diksha Education Channel...


ads booking by purvanchal24@gmail.com

बलिया : पुत्रों और पौत्रों ने कुछ यूं मनाई सेनानी भगवान देव सिंह की पुण्यतिथि

बलिया। आजाद हिंद फौज के सैनिक रहे स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी भगवान देव सिंह की पुण्य स्मृति में उनके पुत्रों और पौत्रों ने गुरुवार को अनोखा कार्यक्रम कर समाज को सार्थक संदेश दिया। पैतृक गांव हल्दी में जहां श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ, वहीं ठंड से बचाव के लिए सैकड़ों जरूरतमंदों को राहतरुपी कम्बल सप्रेम भेंट किया गया। यही नहीं, गांव स्थित सभी परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं में कॉपी-पेन तथा रसोइयों को कम्बल दिया गया।

नेताजी के साथ 'आजाद हिन्द फौज' के कर्मठ सिपाही बन डटे रहे भगवान देव सिंह 

देश भक्ति का जज्बा तो हर किसी के मन में होता है, लेकिन देश के लिए मर-मिटने वालों का अलग कारवां होता है। कुछ ऐसा ही जुनून भगवान देव सिंह में था। 01 जून 1917 को हल्दी गांव में जन्में भगवान देव सिंह युवावस्था में कदम रखते ही आर्मी में भर्ती होने का शौक पाल लिए। आर्मी ज्वाइन करने की सोच के बीच नेताजी सुबाष चंद्र बोस के आह्वान पर भारत माता को आजादी दिलाने के लिए 'आजाद हिंद फ़ौज' में योगदान देने निकल पड़े। युवा भगवान देव सिंगापुर, रंगून, वर्मा आदि देशों में नेताजी के साथ 'आजाद हिन्द फौज' के कर्मठ सिपाही की तरह डटे रहे।


एक समय ऐसा भी आया कि जेल में बंद होने की वजह से उनके बारे में 5 साल तक घरवालों को कोई सूचना नहीं मिली। इनके मृत्यु की अफवाह घर तक पहुंच गयी, लेकिन द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद युद्ध बंदियों को घरों के लिए रिहा किया गया, जिससे भगवान देव सिंह भी अपने घर को लौटे। फिर उन्होंने अध्यापन के क्षेत्र में अपना योगदान दिया। शिक्षा क्षेत्र बेलहरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय हल्दी में अध्यापन का कार्य किया। 23 दिसम्बर 2008 को इस महान सेनानी की आंखे सदा के लिए बंद हो गयीं। उनके आदर्श और रास्ते पर चलकर अनेक लोगों ने अलग-अलग क्षेत्रों में मुकाम हासिल किया है। 

52 सदस्यों का परिवार है एकता का मिसाल

भगवान देव सिंह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए, जो आज भी एकता की मिसाल है। इनका विवाह सरस्वती देवी से हुआ था, जो एक हाउस वाइफ थीं। परिवार में कुल 52 लोग है।भगवान देव सिंह के चार पुत्रों में सबसे बड़े विजय किशोर सिंह पुलिस विभाग, अजेय किशोर सिंह पूर्व प्रधानाध्यापक उच्चप्राथमिक विद्यालय हल्दी तथा पूर्व अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ बेलहरी, हरि किशोर सिंह राजस्व विभाग से सेवा निवृत्त हुए हैं, जबकि सबसे छोटे पुत्र महीप किशोर सिंह राजस्व विभाग में कार्यरत है। इनकी दो पुत्रियां है, जिनका विवाह घोड़हरा और धरनीपुर हुआ है। 

चार पुत्रों के बीच में 12 पौत्र और 6 पौत्रियां हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में अपने घर-परिवार का मान बढ़ा रहे है। इनमे अरुण पुलिस पुलिस विभाग, संतोष सिंह शिक्षा विभाग, विनोद सिंह पुलिस विभाग, प्रमोद सिंह बिजनेस, अरविंद सिंह सब इंस्पेक्टर पुलिस विभाग, अनिल सिंह उच्च प्राथमिक उदहा में सहायक अध्यापक, डॉ मनीष सिंह प्रवक्ता इन्टर इंटर कॉलेज बादिलपुर, मुकेश सिंह एयरफोर्स, राकेश सिंह प्राथमिक शिक्षक, आलोक सिंह आबकारी निरीक्षक, डॉ अवनीश सिंह एमबीबीएस, सुनील सिंह सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।  

500 जरूरतमंदों में वितरित किया कम्बल, ये रहे मौजूद

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगवान देव सिंह की स्मृति में 500 गरीबों को कम्बल और मिष्ठान का वितरण सम्मानित लोगों के हाथों वितरित कराया गया। इसमें हृदयानंद सिंह, प्रधान प्रतिनिधि धनञ्जय कुंवर, पूर्व प्रधान शिव जी यादव, अवधेश सिंह, रामायण सिंह, उदय प्रताप सिंह, विशाल सिंह, अमित सिंह, प्रदीप सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ बेलहरी अध्यक्ष विद्या सागर दुबे, मंत्री शशि कांत ओझा, श्रीप्रकाश मिश्रा प्रधानाध्यापक हल्दी नं. 2, विनीत सिंह, रामकिंकर यादव, अशोक सिंह (प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय हल्दी), प्रेम शंकर सिंह प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय हल्दी नं. 1, कृष्ण कुमार उपाध्याय, अमित वर्मा, नीतेश सिंह बेलहरी प्रधान प्रतिनिधि, आर्यंक सिंह, मनीष सिंह प्रधान प्रतिनिधि भरसौता, अजमु, लल्टू, रिन्कू सिंह, चंदू सिंह, संतोष सिंह, नीलेश, रंजीत सिंह आदि मौजूद रहे।


डॉ. मनीष कुमार सिंह

Post a Comment

0 Comments