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जिंदगी की जंग हार गए ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह, हेलिकॉप्टर हादसे में हुए थे घायल

 

नई दिल्ली। तमिलनाडु के कुन्नूर में 8 दिसम्बर को हुए हेलीकाप्टर हादसे में घायल ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह बुधवार को जिंदगी की जंग हार गये। उनका इलाज कमांड अस्पताल बेंगलुरु में चल रहा था, जहां उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। वह सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ हेलिकॉप्टर में यात्रा कर रहे 14 लोगों के दल में शामिल थे और हादसे में एक मात्र जिंदा बचे सैन्य अफसर थे। वायुसेना की ओर से उनके निधन की पुष्टि की गई है। भारतीय वायुसेना ने अपने ट्वीट में कहा है कि यह बताते हुए काफी दुख हो रहा है कि ग्रुप कैप्टन का इलाज के दौरान आज निधन हो गया। वे 8 दिसंबर 2021 को हुए हादसे में अकेले जिंदा बचे थे। एयरफोर्स उनके निधन पर संवेदनाएं व्यक्त करता हैं और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। 
IAF is deeply saddened to inform the passing away of braveheart Group Captain Varun Singh, who succumbed this morning to the injuries sustained in the helicopter accident on 08 Dec 21. IAF offers sincere condolences and stands firmly with the bereaved family.

प्रधानमंत्री ने जताया दुख
ग्रुप कैप्टन वरुण के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। पीएम ने ट्वीट किया है कि ग्रुप कैप्टन वरुण ने गर्व के साथ देश की सेवा की, उनके निधन की खबर से बेहद आहत हूं। राष्ट्र के लिए उनकी समृद्ध सेवा को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संवेदनाएं। शांति।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने व्यक्त की संवेदनाएं
ग्रुप कैप्टन वरुण के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट किया है-IAF पायलट ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन से हुए दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वह सच्चे फाइटर थे, जिन्होंने अपनी अंतिम सांस तक जंग जारी रखी।  

यूपी के देवरिया के रहने वाले थे वरुण सिंह
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह यूपी के देवरिया के खोरमा कन्हौली गांव के निवासी थे, लेकिन उनका जन्म दिल्ली में हुआ था। उनके पिता कृष्ण प्रताप सिंह सेना से कर्नल के पद से रिटायर हैं। बचपन से ही उनकी परवरिश फौजी वातावरण में हुई। उनका छोटा भाई तनुज सिंह नौ सेना में हैं। साल 2007 से 2009 तक उनकी गोरखपुर में पोस्टिंग रही। वह जगुआर फाइटर प्लेन उड़ाते थे। गोरखपुर से उनका हैदराबाद तबादला हुआ था। उनकी तैनाती तमिलनाडु के वेलिंगटन में थी। वेलिंगटन स्थित डिफेंस एकेडमी के कार्यक्रम में सीडीएस रावत को हिस्सा लेना था। कैप्टन उनके साथ जा रहे थे, लेकिन हादसा हो गया।

शौर्य चक्र से थे सम्मानित 
12 अक्तूबर 2020 को फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम खराब होने के बावजूद, वरुण ने करीब दस हजार फीट की ऊंचाई से विमान की सफल लैंडिंग कराई थी। इसके लिए 15 अगस्त को राष्ट्रपति ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। 

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