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बलिया का ददरी मेला : चेतक प्रतियोगिता का सिरमौर बना बिहार का 'बादल'


बलिया। कोरोना की वजह से दो वर्ष बाद ऐतिहासिक ददरी मेला में बुधवार को आयोजित चेतक प्रतियोगिता का सिरमौर बिहार के मुजफ्फरपुर का बादल बना। जबकि मुजफ्फरपुर का राजू दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा तीसरे स्थान पर पटना के विवेकानंद पहलवान का घोड़ा रहा। बिहार के बक्सर के मुन्ना सिंह के घोड़े को चौथा स्थान प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता की रोचक बात यह रही कि स्पर्धा में प्रथम व द्वितीय स्थान हासिल करने वाले दोनों घोड़े के स्वामी एक ही है। चेतक प्रतियोगिता में कुल 28 घोड़ों ने भाग लिया, जिनमें फाइनल राउंड में केवल आठ घोड़े ही पहुंच सके। शेष 20 घोड़े लीग में राउंड में ही बाहर हो गए। चार राउंड में हुए खिताबी मुकाबले बिहार प्रांत के मुजफ्फर पुर निवासी अजय कुमार के दो घोड़े बादल और राजू ने क्रमशः प्रथम द्वितीय स्थान हासिल किया। जबकि काफी प्रयास के उपरांत भी बिहार के पटना जिले के विवेकानंद पहलवान का घोड़ा तीसरा स्थान पा सका।

चेतक प्रतियोगिता कुल तीन चक्र में हुई। पहले, दूसरे व तीसरे चक्र में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले चेतक को फाइनल की दौड़ में मौका मिला। इसमें यूपी के बलिया, गाजीपुर, देवरिया तथा बिहार के मुजफ्फरपुर एवं पटना, बक्सर के घोड़े अंतिम रोमांचक दौड़ में शामिल हुए, जिसमें तीन नंबर बैच बिहार के मुजफ्फरपुर के अजय कुमार के घोड़े को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। घुड़सवार दीपक यादव ने जबरदस्त जीत हासिल की। इसके पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने घुड़सवारों को हरी झंडी दिखा कर प्रतियोगिता का बकायदा उद्घाटन किया और स्पर्धा के अंत में विजेता और उप विजेता को शील्ड देकर सम्मानित किया। अंतिम फाइनल दौड़ का शुभारंभ सांसद वीरेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। निर्णायक की भूमिका राधेश्याम सिंह, अनिल कुमार आदि रहे। इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार, ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा, चेयरमैन अजय कुमार, मीना बाजार थाना प्रभारी नंद कुमार तिवारी, मुरलीछपरा के ब्लाक प्रमुख कन्हैया सिंह, दुबहड़ के प्रमुख प्रतिनिधि देवनारायण सिंह, राघव मिश्रा, राजाराम, लक्ष्मी सागर पाण्डेय, अभिनव, सनी आदि रहे।

दो बार हुई फाइनल के लिए दौड़

ददरी के चेतक प्रतियोगिता में बुधवार को उस वक्त विवाद की स्थिती उत्पन्न हो गई जब चार राउंड के फाइनल प्रतिस्पर्धा में आठो घुड़सवार तीन राउंड पूरा करके रुक गए। इससे असंमजस की स्थिति बन गई और 22 नंबर के बैंच वाला घुड़सवार स्वयं को प्रतियोगिता का विजेता घोषित करने की मांग करने लगा। इस दौरान कुछ देर तक प्रतियोगिता रुकी रही। निर्णायक मंडल के हस्तक्षेप से पुनः चार राउंड की फाइनल प्रतिस्पर्धा प्रारंभ हुई, जिसमें मुजफ्फरपुर के बादल और राजू ने प्रथम व द्वितीय स्थान हासिल किया।

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