To Learn Online Click here Your Diksha Education Channel...


ads booking by purvanchal24@gmail.com

...तो आवास से वंचित हो जायेंगे बलिया के 377 पीड़ित


बैरिया, बलिया। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में सबका साथ सबका विकास का नारा बुलंद है। लेकिन बलिया में ठीक इसके विपरीत कार्य होने का मामला प्रकाश में आया है। प्रदेश सरकार के शासनादेश के कारण 377 गंगा और घाघरा नदी से कटान पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री आवास योजना से वंचित हो जाएंगे। इन परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के सेक सूची में भी नहीं है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब कांग्रेस नेता विनोद सिंह की पत्नी और वार्ड नंबर 58 से जिला पंचायत सदस्य गीता सिंह ने 19 सितंबर 2021 को पत्र भेजकर मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा से अनुरोध किया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भूमि क्रय कर बसाये गए ग्राम बेलहरी, मझौवा, पचरुखिया, नारायनपुर, केहरपुर, बलिहार, बहुआरा व चांददीयर के गंगा तथा घाघरा नदी के कटान पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित किया जाए। इन पीड़ितों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के सेक सूची में नहीं है, जबकि शासनादेश के अनुसार दैवीय आपदा पीड़ितों का नाम सेक सूची में नहीं होने के बावजूद मुख्यमंत्री आवास योजना से इन पीड़ितों को लाभ मिलेगा। 
मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण डीएन दुबे ने खंड विकास अधिकारी बेलहरी, बैरिया व मुरलीछपरा को पत्र प्रेषित कर ऐसे परिवारों का सर्वे कर मुख्यमंत्री आवास हेतु सूची तैयार कर मांगा है। परंतु पत्र में उल्लेख है कि मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हीं को मिल सकता है जो 1 अप्रैल 2017 के बाद के पीड़ित है। यानी योगी सरकार का गठन 19 मार्च 2017 को हुआ था और भाजपा सरकार बनने के बाद के ही पीड़ितों को ही यह लाभ मिलेगा। इस संबंध में कांग्रेस नेता विनोद सिंह ने कहा कि सरकार के इस शासनादेश से सैकड़ों कटान पीड़ित परिवार आवास योजना से वंचित हो जाएंगे, जो एक अप्रैल 2017 के पहले के पीड़ित है। मै इस शासनादेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करूंगा, ताकि सभी पीड़ितों को आवास का लाभ मिल सकें। चाहे वह 01 अप्रैल 2017 के पहले के पीड़ित हो या बाद के। श्री सिंह ने कहा कि क्या भाजपा सरकार इसी तरह सबका साथ सबका विकास करेगी।

शिवदयाल पांडेय 'मनन'

Post a Comment

0 Comments