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बलिया : बेवजह शिक्षकों की प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं, चुप नहीं रहेगा प्राशिसं


बलिया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पंजीकृत) के जिलाध्यक्ष निर्भय नारायण सिंह ने कहा है कि प्रदेश सरकार की शैक्षिक नीतियों तथा उनकी योजनाएं लागू कराने में हमारे शिक्षक दिन रात एक किए हुए हैं। इसके अलावा कोविड केन्द्रों पर टीकाकरण, राशन दुकानों पर खाद्यान्न वितरण, ऑपरेशन कायाकल्प कार्य तथा बच्चों के अभिभावकों के खातों में लॉकडाउन अवधि का कन्वर्जन कास्ट प्रेषण व खाद्यान्न से लेकर कई विभागीय तथा गैर विभागीय कार्य शिक्षकों से लिया जा रहा है। बाबू और चपरासी का कार्य भी शिक्षक अपने विद्यालय अवधि के बाद भी सामाजिक दायित्व समझकर मनोयोग से करते आ रहे हैं। बावजूद साफ - सफाई और ऑनलाइन चेकिंग के नाम पर कभी बीएसए कार्यालय तो कभी बीआरसी कार्यालय से फोन कर शिक्षकों को डराया धमकाया जा रहा है। वेतन स्थगन और निलंबन करने जैसे कृत्य हो रहे है। 

शिक्षक नेता ने कहा कि बीते साल जनपद के शिक्षकों ने अपने जान की बाजी लगाकर कोरोना काल में श्रमिक मजदूरों की वापसी पर रेलवे व रोडवेज तथा चुनाव ड्यूटी जैसी कई अभूतपूर्व सरकारी कार्यों को तन्मयता से किया। इस दौरान कई ने अपनी जान गवां दी। आज उन्हें कोरोना योद्धा सम्मान ना देकर बिना वजह वेतन स्थगन और निलंबन जैसे कृत्य आपत्तिजनक है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि साफ-सफाई का कार्य शिक्षक का नहीं है। इसके लिए सफाई कर्मी तथा ग्राम पंचायत स्तर पर कई कर्मी नियुक्त हैं। उन्होंने छात्रों को साफ-सफाई कार्य में सम्मिलित करने पर स्पष्ट रूप से कहा कि स्कूलों में बच्चों की मदद लेना पाठ्य सहगामी क्रियाएं हैं, जो उनकी अतिरिक्त गतिविधियों के विकास का संवाहक है। ऐसे में अधिकारियों द्वारा शिक्षकों की किसी भी प्रकार का प्रताड़ना शिक्षक हित व शिक्षक सम्मान के प्रतिकूल है। 

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ पंजीकृत इसका घोर विरोध करता है। साथ ही शिक्षकों पर ऐसे कार्रवाई को वापस लेकर उन्हें ससम्मान बहाल करने की मांग करता है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व ने भी प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र लिखकर ऐसे मामलों का तत्काल निस्तारण व लगाम लगाने हेतु पत्र लिखा है। निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि जनपद बलिया में ऐसी कार्रवाई बंद करने व शिक्षकों को एक सप्ताह के अंदर बहाल करने की मांग की है। कहा कि संगठन शिक्षक के हितों की रक्षा व उनके सेवा शर्तों से संबंधित अधिकारों के लिए किसी भी स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।

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